Habits That Help You Sleep Better: अच्छी सेहत के लिए रोज 7 से 8 घंटे की नींद जरूरी होती है. अगर आपकी नींद पूरी नहीं होगी, तो थकान, चिड़चिड़ापन, तनाव, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी और कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाएगा. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, देर रात तक मोबाइल चलाने की आदत और अनियमित दिनचर्या के कारण कई लोग अनिद्रा या खराब नींद की समस्या से जूझ रहे हैं. ऐसे में सोने से पहले कुछ आसान आदतें अपनाकर रोज पर्याप्त नींद ली जा सकती है.
सोने से पहले स्क्रीन से बनाएं दूरी
स्लीप फाउंडेशन की रिपोर्ट के मुताबिक मोबाइल, लैपटॉप और टीवी से निकलने वाली ब्लू लाइट शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन के उत्पादन को प्रभावित कर सकती है. मेलाटोनिन वही हार्मोन है, जो शरीर को सोने का संकेत देता है. इसलिए रोज रात को सोने से कम से कम 1 घंटा पहले स्क्रीन से दूरी बना लें. इससे दिमाग को आराम मिलता है और नींद आने में आसानी होती है.
कैफीन और हैवी मील से बचें
रात में सोने से कुछ घंटे पहले चाय, कॉफी, एनर्जी ड्रिंक या ज्यादा कैफीन वाले फूड्स अवॉइड करने चाहिए. इन फूड्स का सेवन करने से नींद प्रभावित हो सकती है. इसके अलावा बहुत भारी या मसालेदार खाना भी पाचन तंत्र को सक्रिय रख सकता है, जिससे सोने में परेशानी हो सकती है. रात का भोजन हल्का और संतुलित रखना बेहतर माना जाता है.
रोज एक ही समय पर सोएं
शरीर की अपनी एक बायोलॉजिकल क्लॉक होती है. अगर आप रोज अलग-अलग समय पर सोते और जागते हैं, तो नींद का चक्र प्रभावित हो सकता है. इससे अनिद्रा या नींद न आने की समस्या हो सकती है. स्लीप एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि हर दिन लगभग एक ही समय पर सोने और उठने की कोशिश करें. इससे शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक ठीक रहती है और नींद जल्दी आती है.
बेडरूम का माहौल रखें ठीक
शांत, अंधेरा और आरामदायक कमरा बेहतर नींद के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. बहुत ज्यादा रोशनी, शोर या अत्यधिक गर्मी नींद में बाधा डाल सकती है. कमरे का तापमान आरामदायक रखें और सोने के लिए साफ-सुथरा तथा शांत वातावरण तैयार करें. अगर माहौल अच्छा होगा, तो नींद जल्दी आ जाएगी और नींद पूरी भी हो जाएगी.
रिलैक्सेशन टेक्निक का लें सहारा
अगर तनाव या चिंता के कारण नींद नहीं आती, तो सोने से पहले कुछ मिनट गहरी सांस लेने, मेडिटेशन या हल्की स्ट्रेचिंग करने की कोशिश करें. ये गतिविधियां शरीर और मन को शांत करने में मदद कर सकती हैं. तनाव कम होने पर नींद आने की संभावना भी बढ़ सकती है. स्ट्रेस की वजह से नींद में बाधा आती है. अगर आप सोने से पहले कुछ देर हल्का म्यूजिक सुन लें, तो इससे भी तनाव कम होता है और अच्छी नींद आ सकती है.
कब डॉक्टर से मिलना जरूरी?
नियमित दिनचर्या और स्वस्थ आदतों के साथ अधिकांश लोग अपनी नींद की गुणवत्ता में सुधार ला सकते हैं. अगर अच्छी नींद की आदतें अपनाने के बावजूद लंबे समय तक नींद न आने की समस्या बनी रहती है, तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है. लगातार अनिद्रा किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकती है, जिसका सही डायग्नोसिस और ट्रीटमेंट एक्सपर्ट ही कर सकते हैं.