देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4FY26) में शानदार प्रदर्शन किया है। बैंक का नेट प्रॉफिट 5.6% बढ़कर ₹19,684 करोड़ हो गया है।
नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4FY26) में शानदार प्रदर्शन किया है। इसका नतीज़ा ये रहा कि बैंक का नेट प्रॉफिट 5.6% बढ़कर ₹19,684 करोड़ हो गया है जिससे बैंक की कुल आय में भी बढ़ोतरी देखी गई है।
आय और NII में बढ़त, फिर भी शेयर पर दबाव
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने जनवरी-मार्च 2026 में समाप्त चौथी तिमाही के नतीजे शुक्रवार को जारी कर दिये हैं। इसमें बैंक ने बताया कि इस तिमाही में सालाना आधार पर मुनाफा 5.6 फीसदी बढ़ा है। वहीं, बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में भी सालाना आधार पर 4.1 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है। हालांकि, पीएसयू बैंक के अच्छे तिमाही नतीजों के बावजूद स्टॉक साढ़े 6 फीसदी गिर गया।
सालाना प्रदर्शन मजबूत, लेकिन कुल आय में गिरावट
एसबीआई ने चौथी तिमाही के अपने प्रदर्शन को लेकर जारी रिपोर्ट में बताया कि मार्च 2026 को समाप्त चौथी तिमाही में उसके स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 6 प्रतिशत बढ़ा है, जो 19,684 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, मार्च तिमाही में कुल आय घटकर 1,40,412 करोड़ रुपये रह गई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 1,43,876 करोड़ रुपये थी।
एसेट क्वालिटी में सुधार, NPA में बड़ी गिरावट
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए, बैंक ने स्टैंडअलोन आधार पर लाभ में 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो बढ़कर 80,032 करोड़ रुपये हो गया; पिछले वर्ष यह 70,901 करोड़ रुपये था। इस दौरान बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी सुधार हुआ। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में कुल कर्ज का 1.49 प्रतिशत रह गईं, जो 2024-25 की समान तिमाही के अंत में 1.82 प्रतिशत थीं। इसी तरह, शुद्ध एनपीए घटकर 0.39 प्रतिशत रह गया, जो एक साल पहले 0.47 प्रतिशत था।
नुवामा रिपोर्ट में मिला मिला-जुला प्रदर्शन
भारतीय बैंक के नतीजों पर ब्रोकरेज फर्म “नुवामा रिसर्च” की लेटेस्ट रिपोर्ट आई है। इसमें बताया है कि एसबीआई ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में उम्मीद से कुछ कमजोर प्रदर्शन किया है। बैंक की शुद्ध ब्याज आय (NII) और प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट (PPoP) अनुमान से कम रहे, जिसकी वजह से PAT में भी हल्की गिरावट देखी गई।
NIM घटा और ट्रेजरी इनकम में नुकसान ने बढ़ाया दबाव
नुवामा रिसर्च ने अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) तिमाही आधार पर 18 बेसिस पॉइंट गिरकर 2.81 फीसदी रह गया। इसकी वजह रेपो रेट में कटौती का असर ईबीएलआर लिंक्ड बुक पर पड़ना और एमसीएलआर रेट में कमी होना है। इसके अलावा, बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव और विदेशी मुद्रा एमटीएम नुकसान की वजह से ट्रेजरी इनकम में 14.7 अरब रुपये का घाटा दर्ज किया गया।
लोन और डिपॉजिट ग्रोथ में मजबूत तेजी
रिपोर्ट में कहा गया है कि लोन डिस्बर्समेंट के मामले में बैंक का प्रदर्शन शानदार रहा है। बैंक के कुल लोन बुक में सालाना 17 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जिसमें कॉर्पोरेट लोन (16 फीसदी) और रिटेल लोन का बड़ा योगदान रहा। खासतौर पर गोल्ड लोन में 112 फीसदी की भारी सालाना बढ़ोतरी देखी गई है। डिपॉजिट्स (CASA) भी सालाना 11 फीसदी बढ़े हैं, जिसमें करंट अकाउंट में तिमाही-दर-तिमाही 21 फीसदी और सालाना 5 फीसदी की तेज बढ़ोतरी हुई, जो सेक्टर के औसत से अधिक रही। वहीं, सेविंग अकाउंट तिमाही आधार पर 3 फीसदी और सालाना 11 फीसदी बढ़े हैं।
निवेशकों के लिए डिविडेंड का तोहफा
स्टेट बैंक के बोर्ड ने वित्त वर्ष 26 के लिए 1 रुपये प्रति यूनिट के अंकित मूल्य वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 17.35 रुपये का डिविडेंड घोषित किया है। बैंक ने बताया कि इक्विटी शेयरों पर लाभांश प्राप्त करने के हकदार सदस्यों की पात्रता निर्धारित करने के लिए रिकॉर्ड डेट 16 मई है, और पेमेंट की डेट 4 जून है।
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