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एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित ने अपने शुरुआती दिनों के संघर्षों को याद किया. उन्होंने बताया कि उन्हें किस तरह उनके दुबले शरीर पर लोग कमेंट करते थे. माधुरी के मुताबिक, लोग उन्हें देखकर अक्सर कहते थे कि इसे कुछ खिलाओ-पिलाओ, यह बहुत ज्यादा दुबली है. हालांकि, उनका मानना है कि उस दौर में इन चीजों से निपटना आज के मुकाबले थोड़ा आसान था, क्योंकि तब सोशल मीडिया और ट्रोलिंग का यह डरावना कल्चर मौजूद नहीं था. उन्होंने आगे कहा कि इन बातों को नजरअंदाज करते हुए खुद से प्यार करना और अपने काम पर ध्यान देना बहुत जरूरी है.
नई दिल्ली. माधुरी दीक्षित इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘मां बहन’ को लेकर सुर्खियों में हैं. नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई उनकी इस मूवी को दर्शकों से भरपूर प्यार और तारीफें जो मिल रही है. यह एक डार्क कॉमेडी फिल्म है, जिसे इसके तीखे और मजेदार कहानी के लिए खूब सराहा जा रहा है. इसमें तृप्ति डिमरी ने भी अहम रोल निभाया है.
फिल्म में कॉमेडी के तड़के के साथ समाज की उस कड़वी सच्चाई को भी दिखाया गया है, जहां महिलाओं को उनके पहनावे, पसंद और उनके खुद के वजूद के लिए जज किया जाता है और उन पर फब्तियां कसी जाती हैं. अब माधुरी दीक्षित ने बताया कि इस मामले में फिल्म इंडस्ट्री भी पीछे नहीं है और वह खुद करियर के शुरुआती दौर में बॉडी शेमिंग का शिकार हुई थीं. (फोटो साभार: Instagram@ madhuridixitnene)
इंडस्ट्री में एक्ट्रेसेस को उनके लुक्स, उनकी चॉइस और अपीयरेंस को लेकर हमेशा कसौटी पर कसा जाता है. न्यूज18 इंग्लिश के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू के दौरान माधुरी ने चौंकाने वाला खुलासा किया. उन्होंने बताया कि जब उन्होंने 80 के दशक में अपने करियर की शुरुआत की थी, तब उन्हें भी ऐसे ही तानों और जजमेंटल कमेंट्स का सामना करना पड़ा था. (फोटो साभार: Instagram@madhuridixitnene)
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माधुरी दीक्षित ने बताया कि कैसे एक्ट्रेसेस को अक्सर बॉडी शेमिंग का शिकार होना पड़ता है. उन्होंने कहा, ‘आप एक पब्लिक फिगर हैं और सबके सामने हैं, तो जाहिर है लोग आपके बारे में तरह-तरह की बातें करेंगे ही कि ये ऐसी है या वो वैसी है. जब मैंने करियर की शुरुआत की थी, तब लोगों को लगता था कि मैं बहुत दुबली-पतली हूं. वे अक्सर कहते थे कि अरे, इसे कुछ खिलाओ-पिलाओ. सच तो ये है कि जब ऐसी बातें होती हैं तो लोग जज करने में जरा भी देर नहीं लगाते.’ (फोटो साभार: Instagram@madhuridixitnene)
उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा, ‘अगर आपका वजन बढ़ जाए तो लोग जज करते हैं, और अगर घट जाए तो भी. वैसे भी इंडिया में तो ये आम बात है-जैसे ही आप किसी से मिलते हैं, उनका पहला जुमला यही होता है कि अरे, ये कितनी मोटी हो गई है या ये तो कितनी सूख गई है. हमारे यहां लोग बोलने से पहले कोई फिल्टर नहीं लगाते.’ (फोटो साभार: Instagram@madhuridixitnene)
माधुरी के अनुसार, उस दौर में इन कमियों और तानों से निपटना थोड़ा आसान था, क्योंकि तब आज की तरह सोशल मीडिया और ट्रोलिंग का कल्चर नहीं था. वह कहती हैं, ‘मेरा मानना है कि आपको इन बातों को एक कान से सुनकर दूसरे से निकाल देना चाहिए और ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए. उस जमाने में भी लोग जज तो आज की तरह ही करते थे, लेकिन हमें पता नहीं चल पाता था क्योंकि तब सोशल मीडिया जैसी कोई चीज नहीं थी.’ (फोटो साभार: Instagram@madhuridixitnene)
इस तरह के भेदभाव और हर वक्त होने वाली मीन-मेख से निपटने के लिए माधुरी सेल्फ लव को सबसे बड़ा हथियार मानती हैं। उन्होंने कहा, ‘आज के समय में सोशल मीडिया की वजह से लोग अपनी पहचान छिपाकर कुछ भी बोल देते हैं. लेकिन हमारा पूरा फोकस इस बात पर होना चाहिए कि हम क्या कर रहे हैं, हमारा पैशन क्या है और हमें क्या करने में खुशी मिलती है. सीधा सा फंडा यही है कि सबसे पहले खुद से प्यार करना सीखो.’ (फोटो साभार: Instagram@madhuridixitnene)
इसी से जुड़ा एक पुराना किस्सा अक्सर गॉसिप गलियारों में सुनने को मिलता है कि मशहूर सिंगर सुरेश वाडकर ने कभी माधुरी के परिवार की तरफ से आया शादी का प्रपोजल सिर्फ इसलिए ठुकरा दिया था क्योंकि उन्हें माधुरी बहुत दुबली लगी थीं। हालांकि, हाल ही में द लल्लनटॉप को दिए एक इंटरव्यू में सुरेश वाडकर ने इन अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, ‘वह उस वक्त वाकई काफी पतली थीं। अगर आप उनकी पहली फिल्म ‘अबोध’ देखेंगे, तो समझ आएगा कि वह कितनी स्लिम थीं। लेकिन सच तो यह है कि वह प्रपोजल कभी मुझ तक पहुंचा ही नहीं, तो मेरे रिजेक्ट करने का सवाल ही पैदा नहीं होता. (फोटो साभार: Instagram@madhuridixitnene)