Eczema Treatment and Prevention Tips: स्किन से जुड़ी कई समस्याएं ट्रीटमेंट कराने पर ठीक हो जाती हैं, लेकिन कुछ महीनों बाद फिर से उभरने लगती हैं. इन्हीं समस्याओं में से एक एक्जिमा है. यह एक ऐसी समस्या है, जिसमें त्वचा में सूजन, खुजली, लालिमा और ड्राइनेस हो जाती है. कई लोग इसका इलाज कराते हैं, तो परेशानी से राहत मिल जाती है. हालांकि कुछ समय बाद फिर से स्किन पर ये लक्षण नजर आने लगते हैं. बार-बार लोगों को डॉक्टर के पास जाना पड़ता है, जिससे लोग काफी परेशान हो जाते हैं. कई लोगों को इस बीमारी के बारे में जानकारी ही नहीं होती है, जिससे बीमारी बढ़ती रहती है. चलिए डॉक्टर से जान लेते हैं कि एक्जिमा क्यों होता है, इसका इलाज क्या है और यह समस्या बार-बार क्यों लौट आती है?
यूपी के कानपुर स्थित जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. युगल राजपूत ने News18 को बताया एक्जिमा स्किन की सबसे कॉमन डिजीज है और इसे मेडिकल की भाषा में एटोपिक डर्मेटाइटिस कहा जाता है. यह बीमारी बच्चों और वयस्क दोनों को हो सकती है. कई लोगों में इसके लक्षण समय-समय पर कम और ज्यादा होते रहते हैं, जिससे यह समस्या बार-बार लौटती हुई महसूस होती है. अगर इसके कारण की बात करें, तो एक्जिमा का कोई एक कारण नहीं होता है. जेनेटिक और एनवायरनमेंटल फैक्टर्स की वजह से ज्यादातर लोग एक्जिमा का शिकार होते हैं. जिन लोगों के परिवार में एलर्जी, अस्थमा या एक्जिमा की हिस्ट्री होती है, उन्हें भी इसका खतरा ज्यादा होता है. इसके अलावा धूल, पॉल्यूशन, कुछ साबुन, डिटर्जेंट, परफ्यूम, मौसम में बदलाव और स्किन ड्राइनेस से भी यह परेशानी बढ़ सकती है.
कैसे करें एक्जिमा की पहचान?
डॉक्टर ने बताया कि एक्जिमा होने पर लोगों की स्किन में लगातार खुजली होती है, स्किन लाल हो जाती है, स्किन में सूजन आ जाती है, ड्राइनेस बढ़ जाती है और छोटे-छोटे दाने निकल आते हैं. कुछ मामलों में स्किन फटने लगती है, जिससे दर्द और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. एक्जिमा का शिकार होने पर रात के समय खुजली ज्यादा महसूस होती है. अगर समय पर एक्जिमा के लक्षण पहचानकर इलाज न कराया जाए, तो त्वचा मोटी और खुरदरी हो सकती है.
बार-बार क्यों लौट आती है यह बीमारी?
एक्सपर्ट के मुताबिक एक्जिमा को क्रॉनिक डिजीज माना जाता है. इसका मतलब है कि इसके लक्षण समय-समय पर दोबारा उभर सकते हैं. एलर्जी पैदा करने वाले चीजों का संपर्क, अत्यधिक तनाव, मौसम में बदलाव, स्किन ड्राइनेस और इंफेक्शन के कारण यह बीमारी वापस लौट आती है. यही कारण है कि कई लोगों को इलाज के बाद भी समय-समय पर इसके लक्षण महसूस होते हैं. अगर सावधानी बरती जाए, तो इसे लंबे समय तक कंट्रोल रखा जा सकता है.
एक्जिमा का इलाज कैसे किया जाता है?
डॉक्टर की मानें तो एक्जिमा का ट्रीटमेंट लक्षणों को देखते हुए किया जाता है. मरीजों को अच्छा मॉइस्चराइजर उपयोग करने की सलाह दी जाती है, ताकि त्वचा में नमी बनी रहे. गंभीर मामलों में एंटी-इन्फ्लेमेटरी क्रीम, दवाएं या अन्य ट्रीटमेंट दिए जा सकते हैं. किस मरीज को कौन सी क्रीम या दवा देनी है, यह उसकी उम्र, गंभीरता और स्किन को देखने के बाद ही तय किया जाता है. अगर सही समय पर इलाज शुरू हो जाए, तो इसे जल्द कंट्रोल किया जा सकता है और बार-बार होने से भी रोका जा सकता है.
एक्जिमा से बचाव के लिए क्या करें?
डॉक्टर युगल का साफ कहना है कि अगर आपको एक्जिमा है या इसका खतरा है, तो स्किन को हमेशा मॉइस्चराइज रखें और बहुत गर्म पानी से नहाने से बचें. ऐसे साबुन और स्किन केयर प्रोडक्ट का यूज करें, जो त्वचा पर कम असर डालते हों. धूल, धुएं और अन्य एलर्जी पैदा करने वाले फैक्टर्स से दूरी बनाना भी फायदेमंद हो सकता है. अगर तनाव एक ट्रिगर है, तो उसे कंट्रोल करने के उपाय अपनाएं. इसके अलावा किसी भी नई क्रीम या घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले स्किन स्पेशलिस्ट से सलाह लेना बेहतर होता है.