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Tamil Director Bharathiraja Passes Away: निर्देशक भारतीराजा के निधन से तमिल सिनेमा में शोक की लहर दौड़ पड़ी है. 85 साल की उम्र में इस दिग्गज निर्देशक ने दुनिया को अलविदा कह दिया. 2025 में हुई बेटे मनोज भारतीराजा के निधन के बाद से वह काफी दुखी थे.
जाने माने डायरेक्टर भारतीराजा का 84 साल की उम्र में निधन हो गया.
नई दिल्ली. तमिल सिनेमा के इतिहास को अपनी रियलिस्टिक कहानियों से बदलने वाले दिग्गज फिल्म निर्देशक और एक्टर पी. भारतीराजा का बुधवार सुबह चेन्नई में निधन हो गया. वह 84 साल के थे और लंबे समय से बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे. उन्होंने चेन्नई स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली. तमिल फिल्म प्रोड्यूसर्स काउंसिल और उनके पारिवारिक सूत्रों ने इस दुखद खबर की पुष्टि की है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीराजा पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी बीमारियों और स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे. उनका स्वास्थ्य पिछले साल से और अधिक बिगड़ गया था, खासकर तब जब उनके बेटे और एक्टर मनोज भारतीराजा का 2025 में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया था. इस पारिवारिक त्रासदी के बाद से ही उनकी तबीयत लगातार कमजोर बताई जा रही थी.
अप्रैल में भी हुई थी तबीयत खराब
भारतीराजा पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे. उन्हें पिछले साल दिसंबर में श्वसन संबंधी दिक्कतों के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था.इसके बाद इस साल भी उनकी तबीयत में गिरावट आने पर उन्हें एक बार फिर अस्पताल में दाखिल कराया गया था. इलाज के बाद उन्हें अप्रैल में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी.
40 से अधिक फिल्मों के निर्देशक रहे भारतीराजा
भारतीराजा ने साल 1977 में फिल्म ’16 वयथिनिले’ (16 Vayathinile) से अपने निर्देशन करियर की शुरुआत की थी. इस फिल्म में कमल हासन और श्रीदेवी मुख्य भूमिका में थे, जबकि सुपरस्टार रजनीकांत ने विलेन का किरदार निभाया था. यह फिल्म तमिल सिनेमा के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुई. उस दौर में जब फिल्में केवल चारदीवारी और स्टूडियो के सेट्स पर बनती थीं, भारतीराजा कैमरों को तमिलनाडु के असली गांवों, खेतों और मिट्टी के बीच लेकर गए. उन्होंने ‘किझाके पोगम रेल’, ‘सिगप्पु रोजक्कल’, ‘अलाइगल ओइवाथिल्लाई’ और ‘मुथल मरियाथाई’ जैसी 40 से अधिक ब्लॉकबस्टर फिल्मों का निर्देशन किया. निर्देशन के साथ-साथ उन्होंने ‘आयुथा एझुथु’, ‘थिरुचित्रम्बलम’ और ‘महाराजा’ जैसी फिल्मों में बेहतरीन अभिनय भी किया. हाल ही में मोहनलाल की फिल्म ‘ थुडरुम’ में उनकी स्क्रीन अपीयरेंस देखी गई थी, और उनकी अनरिलीज्ड फिल्म ‘पुलावर’ बतौर अभिनेता उनकी आखिरी फिल्म होगी. चार दशकों से अधिक समय तक उन्होंने 40 से अधिक फिल्मों का निर्देशन किया और ‘आइयक्कुनर इम्मयम’ के नाम से मशहूर रहे. साल 2004 में भरतीराजा को पद्म श्री समेत कई राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं.
शोक में इंडस्ट्री
एक्ट्रेस और राजनेता खुशबू सुंदर ने एक्स पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए लिखा कि भारतीराजा का जाना तमिल सिनेमा के लिए एक ‘घने काले बादल’ जैसा है. उनकी फिल्में हमेशा फिल्म निर्माण का एक स्कूल रहेंगी. उनके निधन से दक्षिण भारतीय सिनेमा के एक सुनहरे युग का अंत हो गया है.
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शिखा पाण्डेय पिछले 15 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में एक्टिव हैं. शिखा दिसंबर 2019 से न्यूज 18 हिंदी के साथ हैं और बतौर चीफ सब एडिटर के पद काम कर रही हैं. पिछले 6 सालों से वह एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही …और पढ़ें