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Sunscreen and Skin Tone: धूप में बाहर निकलते वक्त सभी लोगों को सनस्क्रीन जरूर लगानी चाहिए. सनस्क्रीन स्किन को सूरज की हानिकारक UV किरणों से बचाती है. नियमित रूप से सनस्क्रीन लगाने से स्किन की टैनिंग कम हो सकती है, जिससे स्किन ज्यादा साफ दिखती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो सनस्क्रीन स्किन को गोरा नहीं बनाती है, बल्कि इसे प्रोटेक्ट करती है.
सनस्क्रीन लगाने से टैनिंग हटती है, जिससे स्किन साफ नजर आती है. हालांकि इससे स्किन गोरी नहीं होती है.
Sunscreen and Skin Fairness: गर्मी के मौसम में स्किन को तेज धूप और अल्ट्रावॉयलेट किरणों से बचाने के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है. सनस्क्रीन स्किन के लिए प्रोटेक्टिव लेयर का काम करती है और उसे हानिकारक UV किरणों से बचाती है. सनस्क्रीन काफी महंगी होती है, जिसकी वजह से लोग इसे स्किन को गोरा करने वाली क्रीम समझने लगते हैं. कई लोग मानते हैं कि नियमित रूप से सनस्क्रीन लगाने से रंग साफ हो जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वाकई सनस्क्रीन लगाने से स्किन गोरी हो सकती है? इस बारे में स्किन स्पेशलिस्ट से हकीकत जानना सभी के लिए जरूरी है.
यूपी के कानपुर स्थित जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. युगल राजपूत ने News18 को बताया सनस्क्रीन का मुख्य काम स्किन को सूरज की हानिकारक UV किरणों से बचाना होता है. सूरज की UVA और UVB किरणें स्किन को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे सनबर्न, टैनिंग, समय से पहले झुर्रियां और स्किन से जुड़ी अन्य समस्याएं हो सकती हैं. सनस्क्रीन त्वचा पर एक सुरक्षा परत बनाती है, जो इन किरणों के प्रभाव को कम करने में मदद करती है. लोगों के स्किन टोन और उनके काम को देखते हुए अलग-अलग SPF की सनस्क्रीन लगाने की सलाह दी जाती है, ताकि स्किन ज्यादा से ज्यादा सुरक्षित रहे.
क्या सनस्क्रीन स्किन को गोरा बनाती है?
डॉक्टर युगल का साफ कहना है कि सनस्क्रीन का काम स्किन को गोरा बनाना नहीं है. यह स्किन टोन को को बदलने वाली कोई ब्यूटी क्रीम नहीं है. सनस्क्रीन के नियमित इस्तेमाल से स्किन की टैनिंग कम हो जाती है, जिससे स्किन साफ नजर आती है. इस वजह से लोग इसे गोरा करने वाली क्रीम मान लेते हैं. सनस्क्रीन से टैनिंग हट जाती है और स्किन एक जैसी यानी ईवन टोन दिखने लगती है. इससे लोगों को लगता है कि उनकी त्वचा पहले से ज्यादा साफ या चमकदार हो गई है.
टैनिंग और स्किन टोन में क्या संबंध है?
एक्सपर्ट के मुताबिक जब स्किन लंबे समय तक धूप के संपर्क में रहती है, तो शरीर अधिक मेलेनिन बनाने लगता है. मेलेनिन वह पिगमेंट है, जो त्वचा को रंग देता है और धूप से बचाने का काम करता है. ज्यादा मेलेनिन बनने पर त्वचा टैन दिखाई देने लगती है. सनस्क्रीन इस प्रक्रिया को कम करने में मदद कर सकती है, जिससे टैनिंग कम हो सकती है. हालांकि यह स्किन को उसके प्राकृतिक रंग से ज्यादा गोरा नहीं बनाती है.
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अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें