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Pradhan mantri matru vandana yojana : गर्भवती और धात्री महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना चला रही है. इस योजना के तहत पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को कुल 5,000 रुपये दो किस्तों में दिए जाते हैं. वहीं दूसरी संतान के रूप में बेटी के जन्म पर 6,000 रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि मिलती है. योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को बेहतर पोषण, स्वास्थ्य सुविधाएं और आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है, ताकि मां और शिशु दोनों स्वस्थ रह सकें.
Pradhan mantri matru vandana yojana : गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को बेहतर पोषण, स्वास्थ्य सुविधाएं और आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना महिलाओं के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती और धात्री माताओं को गर्भावस्था एवं प्रसव के बाद पर्याप्त आराम मिल सके, इसके लिए मजदूरी में होने वाली आंशिक क्षति की भरपाई के रूप में नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान करना है. साथ ही महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक बनाना और बालिका जन्म को प्रोत्साहित करना भी इस योजना का अहम लक्ष्य है.
गर्भवती होने वाली महिला को कुल 5 हजार रुपये की सहायता
मिशन शक्ति के अंतर्गत संचालित इस योजना का लाभ 18 वर्ष 7 माह से 55 वर्ष तक की सामाजिक एवं आर्थिक रूप से वंचित वर्ग की गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को दिया जाता है. योजना के तहत पहली बार गर्भवती होने वाली महिला को कुल 5 हजार रुपये की सहायता राशि दो किस्तों में दी जाती है. पहली किस्त 3 हजार रुपये गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य जांच और पंजीकरण के बाद मिलती है, जबकि दूसरी किस्त 2 हजार रुपये बच्चे के जन्म और निर्धारित टीकाकरण पूरा होने के बाद प्रदान की जाती है.
एकमुश्त 6 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि
इसके अलावा यदि दूसरी संतान के रूप में बेटी का जन्म होता है तो लाभार्थी महिला को एकमुश्त 6 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है. इससे बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है. योजना के तहत नए लाभार्थियों का पंजीकरण, डुप्लीकेट लाभुकों की पहचान, एनपीसीआई से बैंक खाते लिंक कर डीबीटी के माध्यम से राशि हस्तांतरण तथा फेसियल रिकॉग्निशन सिस्टम (एफआरएस) के जरिए लाभार्थियों की एंट्री और सत्यापन का कार्य भी किया जा रहा है.
समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान ने बताया कि यह योजना गर्भवती महिलाओं के उचित खानपान, कुपोषण की रोकथाम तथा मां और शिशु दोनों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए संचालित की जा रही है. उन्होंने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में जिले को 11,444 लाभुकों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य मिला है. अब तक 1,496 लाभार्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है, जबकि 982 महिलाओं को योजना का लाभ भी प्रदान किया जा चुका है. वहीं नए लाभुकों को भी इस योजना का लाभ देने की प्रक्रिया जारी है.
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7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें