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Frequent UTI in Summer: गर्मियों में शरीर में पानी की कमी, अधिक पसीना और स्वच्छता में लापरवाही के कारण यूरिन इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. इस समस्या में पेशाब करते समय जलन, बार-बार यूरिन आना और पेट के निचले हिस्से में दर्द जैसे लक्षण दिखते हैं. डॉक्टर के अनुसार पर्याप्त पानी पीने और साफ-सफाई का ध्यान रखने से इससे बचाव हो सकता है.
गर्मी में डिहाइड्रेशन के कारण यूटीआई की समस्या बार-बार पैदा होने लगती है.
Recurrent UTI During Summer: गर्मियों का मौसम अपने साथ कई स्वास्थ्य समस्याएं लेकर आता है. इनमें से एक परेशानी यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) है. कई लोग इस मौसम में बार-बार पेशाब में जलन, दर्द, बार-बार यूरिन आने की इच्छा और पेट के निचले हिस्से में असहजता जैसी शिकायत करते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि गर्मियों में बढ़ता तापमान और शरीर में पानी की कमी इस समस्या के पीछे प्रमुख कारण हो सकते हैं. अगर समय रहते इस समस्या पर ध्यान न दिया जाए तो संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है और किडनी तक भी पहुंच सकता है. गंभीर मामलों में इससे किडनी फेलियर की नौबत आ सकती है.
नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के यूरोलॉजी डिपार्टमेंट के वाइस चेयरमैन डॉ. अमरेंद्र पाठक ने News18 को बताया गर्मियों में अत्यधिक पसीना निकलने के कारण शरीर में पानी की मात्रा तेजी से कम होने लगती है. जब व्यक्ति पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीता, तो यूरिन कम बनने लगता है और वह कंसंट्रेट हो जाता है. आमतौर पर पेशाब के जरिए शरीर से बैक्टीरिया बाहर निकल जाते हैं, लेकिन जब यूरिन की मात्रा कम हो जाती है तो बैक्टीरिया यूरिनरी ट्रैक्ट में रुककर तेजी से बढ़ने लगते हैं. यही स्थिति यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन का कारण बनती है. इसलिए गर्मियों में इसका खतरा ज्यादा होता है.
एक्सपर्ट के मुताबिक गर्म मौसम में शरीर के निजी अंगों के आसपास अधिक पसीना और नमी जमा हो जाती है. यह वातावरण बैक्टीरिया के पनपने के लिए अनुकूल माना जाता है. खासतौर पर महिलाओं में यूटीआई का खतरा अधिक रहता है, क्योंकि उनकी पेशाब की नली छोटी होती है, जिससे बैक्टीरिया आसानी से मूत्राशय तक पहुंच सकते हैं. यही वजह है कि गर्मियों में महिलाओं को व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा कई लोग कामकाज या यात्रा के दौरान लंबे समय तक पेशाब रोककर रखते हैं. यह आदत भी यूरिन इन्फेक्शन का एक बड़ा कारण बन सकती है. जब पेशाब लंबे समय तक मूत्राशय में जमा रहता है, तो बैक्टीरिया को बढ़ने और संक्रमण फैलाने का अवसर मिल जाता है. पेशाब कभी भी न रोकें.
डॉक्टर की मानें तो यूरिन इन्फेक्शन के लक्षणों की बात करें तो पेशाब करते समय जलन या दर्द होना, बार-बार पेशाब आने की इच्छा होना, पेट या कमर के निचले हिस्से में दर्द महसूस होना, यूरिन से तेज बदबू आना और उसका रंग धुंधला दिखाई देना इसके सामान्य संकेत हैं. कुछ मामलों में मरीज को बुखार, कमजोरी और उल्टी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं. अगर संक्रमण बढ़ जाए तो यह किडनी को भी प्रभावित कर सकता है. UTI से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि शरीर को हाइड्रेट रखा जाए. गर्मियों में रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए, ताकि शरीर से बैक्टीरिया आसानी से बाहर निकल सकें. इसके अलावा नारियल पानी, नींबू पानी और ताजे फलों का सेवन भी फायदेमंद माना जाता है. सूती और आरामदायक कपड़े पहनने, निजी अंगों की साफ-सफाई बनाए रखने और अत्यधिक मीठे खाद्य पदार्थों से बचने की भी सलाह दी जाती है.
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अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें