Pilates Exercise: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फिट रहने की इच्छा तो लगभग हर किसी की होती है, लेकिन जिम जाने का समय और नियमितता बनाए रखना आसान नहीं होता. ऐसे में अगर कोई ऐसी एक्सरसाइज मिल जाए जिसे घर पर ही किया जा सके और जो पेट की चर्बी घटाने से लेकर पूरे शरीर को टोन करने तक में मदद करे, तो इससे बेहतर क्या हो सकता है. इन दिनों सोशल मीडिया पर एक पिलाटेस एक्सरसाइज तेजी से चर्चा में है, जिसे एक्सपर्ट्स पिलाटेस इंस्ट्रक्टर कैट ने शेयर किया है. उनका दावा है कि यह एक ऐसा मूवमेंट है जो कोर मसल्स को मजबूत करने, कमर को सुडौल बनाने, ग्लूट्स को टोन करने और शरीर की मुद्रा सुधारने में मदद कर सकता है. खास बात यह है कि इसे करने के लिए किसी महंगे उपकरण या जिम मेम्बरशिप की जरूरत नहीं पड़ती.
क्या है यह खास पिलाटेस एक्सरसाइज?
पिलाटेस इंस्ट्रक्टर कैट पिछले 20 वर्षों से लोगों को ट्रेनिंग दे रही हैं. उन्होंने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने बताया कि यह एक्सरसाइज उनके पसंदीदा फुल-बॉडी मूवमेंट्स में से एक है. उनके अनुसार, वह इसे अपने कई मॉडल्स और क्लाइंट्स को नियमित रूप से करवाती हैं. यह एक्सरसाइज केवल पेट की मांसपेशियों पर ही काम नहीं करती, बल्कि कंधों, भुजाओं, कमर, ग्लूट्स और पोस्चर को भी मजबूत बनाने में मदद करती है. यही वजह है कि इसे एक संपूर्ण बॉडी वर्कआउट माना जा रहा है.
पिलाटेस आखिर इतना पॉपुलर क्यों है?
पिछले कुछ वर्षों में पिलाटेस की पॉपुलेरिटी तेजी से बढ़ी है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इसकी शुरुआत लगभग एक सदी पहले हुई थी. 1920 के दशक में विकसित यह एक्सरसाइज सिस्टम शरीर की गहरी मांसपेशियों को सक्रिय करने पर केंद्रित है.
कम प्रभाव लेकिन असरदार वर्कआउट
पिलाटेस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें शरीर पर अत्यधिक दबाव नहीं पड़ता. जो लोग हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट नहीं कर सकते, उनके लिए यह एक अच्छा विकल्प माना जाता है. नियमित अभ्यास से शरीर का संतुलन बेहतर होता है, लचीलापन बढ़ता है और कमर व पीठ से जुड़ी कई समस्याओं में राहत मिल सकती है.
कैसे करें यह एक्सरसाइज?
इस एक्सरसाइज को करने के लिए सबसे पहले फर्श पर योगा मैट बिछाएं. इसके बाद अपने कंधों के नीचे एक रोलर रखें. यदि आप चाहें तो हल्के वेट का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन शुरुआती लोग बिना वेट के भी इसे कर सकते हैं. अब पैरों को हल्का ऊपर उठाकर पंजों को मैट पर टिकाएं. इसके बाद बाएं पैर को ऊपर उठाएं और साथ ही दाएं हाथ को भी सामने की ओर बढ़ाएं. फिर घुटने को पेट की तरफ लाते हुए दाएं हाथ की उंगलियों से उसे छूने की कोशिश करें. इस मूवमेंट को 15 बार दोहराएं. इसके बाद हाथ और पैर बदलकर दूसरी तरफ भी यही प्रक्रिया अपनाएं. कैट की सलाह है कि प्रत्येक तरफ 15 रेपिटेशन के चार राउंड पूरे किए जाएं और हर सेट के बीच चार गहरी सांसें ली जाएं.
कोर मसल्स पर क्यों होता है ज्यादा असर?
संतुलन बनाना पड़ता है
इस एक्सरसाइज का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा शरीर का संतुलन है. चूंकि रोलर पर शरीर को स्थिर रखना होता है, इसलिए कोर मसल्स लगातार सक्रिय रहती हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, इससे ट्रांसवर्स एब्डोमिनिस नामक गहरी पेट की मांसपेशी सक्रिय होती है, जिसे अक्सर शरीर की प्राकृतिक “कॉर्सेट मसल” कहा जाता है. यही मांसपेशी पेट को अंदर रखने और कमर को बेहतर आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
क्या बिना वेट के भी मिलेगा फायदा?
कई लोग सोचते हैं कि अच्छे परिणाम पाने के लिए वेट का इस्तेमाल जरूरी होता है, लेकिन इस एक्सरसाइज के मामले में ऐसा नहीं है. कैट ने स्वयं बताया कि हालांकि वह वीडियो में हल्के हैंड और एंकल वेट का उपयोग कर रही हैं, लेकिन बिना वेट के भी यह एक्सरसाइज प्रभावी रहती है. फिटनेस विशेषज्ञ भी मानते हैं कि शुरुआती लोगों के लिए पहले सही तकनीक सीखना ज्यादा महत्वपूर्ण है. जब शरीर इस मूवमेंट का आदी हो जाए, तब अतिरिक्त वजन जोड़ा जा सकता है.
नियमित अभ्यास से क्या बदलाव दिख सकते हैं?
यदि इस एक्सरसाइज को बैलेंस्ड डाइट और डेली रुटीन के साथ जोड़ा जाए, तो समय के साथ पेट के आसपास जमा एक्स्ट्रा फेट कम करने में मदद मिल सकती है. साथ ही शरीर के पोस्चर बेहतर होते हैं, कंधे सीधे रहते हैं और कमर अधिक टोंड दिखाई देती है. हालांकि केवल एक एक्सरसाइज से चमत्कारी परिणाम की उम्मीद करना सही नहीं होगा. फिटनेस विशेषज्ञ हमेशा कंटीन्यूटी, बैलेंस्ड डाइट और पर्याप्त नींद को भी उतना ही जरूरी मानते हैं.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)