Cold and Cough in Summer: भीषण गर्मी से बचने के लिए कई लोग पूरे दिन एसी चलाते हैं और रात में भी एयर कंडीशनर चलाकर ही सोते हैं. एसी का ज्यादा इस्तेमाल सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. कई लोगों को इसकी वजह से सर्दी-जुकाम, गले में खराश और खांसी की समस्या हो जाती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो एयर कंडीशनर का ज्यादा यूज सर्दी-खांसी की वजह बन सकता है, लेकिन इसके पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं. इनमें तापमान में अचानक बदलाव, वायरल संक्रमण, एलर्जी और कमजोर इम्यूनिटी शामिल है. सही कारण को समझकर समय पर इलाज और बचाव के उपाय अपनाना जरूरी है.
नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने News18 को बताया गर्मियों में शरीर अक्सर तेज गर्मी और ठंडे माहौल के बीच बार-बार बदलाव का सामना करता है. बाहर की गर्मी से सीधे एयर कंडीशनर वाले कमरे में जाना या बहुत ठंडा पानी और कोल्ड ड्रिंक पीना गले और श्वसन तंत्र को प्रभावित कर सकता है. इससे गले में जलन, खराश और खांसी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसके अलावा मौसम बदलने के दौरान वायरस भी सक्रिय रहते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बना रहता है. ऐसे में लोगों को सेहत का खास खयाल रखना चाहिए.
एलर्जी भी हो सकती है बड़ी वजह
डॉक्टर के अनुसार गर्मियों के मौसम में धूल, परागकण, प्रदूषण और हवा में मौजूद अन्य कण एलर्जी को बढ़ा सकते हैं. जिन लोगों को एलर्जिक राइनाइटिस या सांस से जुड़ी एलर्जी होती है, उन्हें छींकें, नाक बहना, गले में खराश और खांसी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कई बार लोग इसे सामान्य सर्दी समझ लेते हैं, जबकि असल वजह एलर्जी होती है. इसलिए बार-बार होने वाली समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और डॉक्टर से मिलकर ट्रीटमेंट कराना चाहिए.
वायरल संक्रमण का भी खतरा
एक्सपर्ट के मुताबिक यह धारणा गलत है कि वायरल इंफेक्शन केवल सर्दियों में ही होता है. गर्मियों में भी कई प्रकार के वायरस सक्रिय रहते हैं और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल सकते हैं. भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाना, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना या स्वच्छता का ध्यान न रखना संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है. ऐसे मामलों में नाक बंद होना, बुखार, खांसी और शरीर में दर्द जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं.
क्या है सर्दी-खांसी का सही ट्रीटमेंट
डॉक्टर रावत की मानें तो सर्दी-खांसी का इलाज उसके कारण पर निर्भर करता है. अगर समस्या वायरल संक्रमण के कारण है, तो आराम, पर्याप्त तरल पदार्थ और डॉक्टर द्वारा सुझाई गई दवाएं मदद कर सकती हैं. एलर्जी के मामलों में एलर्जी पैदा करने वाले कारकों से बचना और डॉक्टर द्वारा दी गई दवा लेना जरूरी होता है. बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि वायरल संक्रमण में इनका कोई फायदा नहीं होता है.
इससे बचाव के लिए क्या करें
हेल्थ एक्सपर्ट ने बताया कि गर्मी में सर्दी-खांसी से बचने के लिए कुछ आसान आदतें अपनाई जा सकती हैं. बहुत ठंडी ड्रिंक्स का सेवन न करें, एयर कंडीशनर का तापमान बहुत कम न रखें और बाहर से आने के तुरंत बाद बर्फ जैसा ठंडा पानी न पिएं. साथ ही पर्याप्त पानी पीकर शरीर को हाइड्रेट रखें, पौष्टिक भोजन करें और नियमित रूप से हाथ धोने जैसी हाइजीन हैबिट्स अपनाएं. इससे संक्रमण का खतरा कम हो सकता है. अगर खांसी या जुकाम एक सप्ताह से ज्यादा समय तक बना रहे, तेज बुखार हो, सांस लेने में परेशानी महसूस हो या लक्षण लगातार बढ़ रहे हों, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.