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तमिलनाडु सरकार ने राज्य के सिनेमाघरों और फिल्म इंडस्ट्री को बड़ी राहत देते हुए नया आदेश जारी कर दिया है. इसके तहत अब राज्य के सभी थिएटर नई रिलीज होने वाली फिल्मों के पहले सात दिनों तक रोजाना पांच शो चलाए जा सकेंगे. इतना ही नहीं, शनिवार-रविवार, सरकारी छुट्टियों और स्थानीय त्योहारों के दिनों में भी पांच शो दिखाने की अनुमति दी गई है.
दर्शकोे को मिली राहत
नई दिल्ली. तमिलनाडु सरकार ने नई तमिल फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए एक अहम फैसला लिया है. राज्य सरकार ने थिएटर संचालन से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए नई रिलीज होने वाली तमिल फिल्मों के लिए पहले सात दिनों तक रोजाना पांच शो चलाने की अनुमति दे दी है.
पहले सिनेमाघरों में आमतौर पर चार शो की इजाजत होती थी, लेकिन अब रिलीज के शुरुआती हफ्ते में एक अतिरिक्त शो भी दिखाया जा सकेगा. फिल्म इंडस्ट्री लंबे समय से इस तरह की मांग कर रही थी. निर्माताओं और वितरकों का कहना था कि बड़ी फिल्मों के रिलीज होते ही दर्शकों की भारी भीड़ सिनेमाघरों में पहुंचती है. ऐसे में सीमित शो होने की वजह से कई लोगों को टिकट नहीं मिल पाती. अब पांच शो की अनुमति मिलने से ज्यादा दर्शक फिल्म देख सकेंगे और थिएटर मालिक भी मांग के मुताबिक स्क्रीनिंग बढ़ा पाएंगे.
शो मिलने से फिल्मों की कमाई बढ़ने की संभावना
फिल्म कारोबार से जुड़े जानकारों का मानना है कि किसी भी फिल्म की कमाई का सबसे खास समय उसका पहला हफ्ता होता है. ज्यादातर बड़ी फिल्मों की बॉक्स ऑफिस कमाई शुरुआती दिनों में ही तय हो जाती है. लेकिन चार शो की वजह से ज्यादा लोग फिल्म नहीं देख पाते थे. ऐसे में एक अतिरिक्त शो मिलने से फिल्मों की कमाई बढ़ने की संभावना है. इसका फायदा सिर्फ निर्माताओं को ही नहीं, बल्कि वितरकों और सिनेमाघर संचालकों को भी मिलेगा.
फैसले से दर्शकों को मिली राहत
दर्शकों के लिए भी यह फैसला राहत भरा माना जा रहा है. बड़ी स्टार कास्ट वाली फिल्मों या त्योहारों के दौरान रिलीज होने वाली फिल्मों के टिकट अक्सर जल्दी बिक जाते हैं. ऐसे में अतिरिक्त शो होने से दर्शकों को अपनी पसंद के समय पर टिकट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी. हालांकि सरकार ने साफ किया है कि यह सुविधा सिर्फ नई तमिल फिल्मों के लिए होगी और रिलीज के पहले सात दिनों तक ही लागू रहेगी. इसके बाद थिएटरों को पहले की तरह सामान्य नियमों के तहत ही शो चलाने होंगे.
तमिलनाडु देश के सबसे बड़े और सक्रिय फिल्म बाजारों में से एक माना जाता है. यहां हर साल कई बड़ी और छोटी फिल्में रिलीज होती हैं. सरकार का मानना है इस फैसले से स्थानीय फिल्म उद्योग को मजबूती मिलेगी और नई फिल्मों को बेहतर शुरुआत का मौका मिलेगा. फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है. उनका कहना है कि इससे दर्शकों की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी और फिल्मों को शुरुआती दिनों में ज्यादा से ज्यादा दर्शकों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा. माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस फैसले का सकारात्मक असर बॉक्स ऑफिस कारोबार पर भी देखने को मिल सकता है.
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न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…और पढ़ें