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Bollywood Actress Upasana Singh in Jodhpur: जोधपुर पहुंचीं अभिनेत्री उपासना सिंह ने राजस्थान को अपने जीवन का अहम हिस्सा बताते हुए कहा कि यहीं से उनके अभिनय सफर की शुरुआत हुई थी. उन्होंने राजस्थानी फिल्म ‘बाई चाली सासरिए’ को अपने करियर की मजबूत नींव बताया. उपासना ने कहा कि क्षेत्रीय सिनेमा आज भी भारतीय संस्कृति, रिश्तों और पारिवारिक मूल्यों को जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है. उन्होंने राजस्थान के लोगों से मिले प्यार और सम्मान को अपनी सबसे बड़ी पूंजी बताया. बातचीत के दौरान उन्होंने बेटे नानक के करियर पर भी बात की और उसके उज्ज्वल भविष्य को लेकर भरोसा जताया.
जोधपुर. बॉलीवुड और टेलीविजन जगत की लोकप्रिय अभिनेत्री उपासना सिंह रविवार को मुंबई से एयर इंडिया की फ्लाइट के जरिए जोधपुर पहुंचीं. वे यहां एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने आई हैं. एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने अपने फिल्मी सफर, राजस्थान से जुड़ी यादों और क्षेत्रीय सिनेमा के महत्व पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि राजस्थान उनके लिए सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि वह भूमि है जहां से उनके अभिनय करियर की शुरुआत हुई और यही वजह है कि यह प्रदेश उनके दिल के बेहद करीब है.
उपासना सिंह ने बताया कि उन्होंने महज 16 वर्ष की उम्र में अपनी पहली फिल्म ‘बाई चाली सासरिए’ से अभिनय की दुनिया में कदम रखा था. उस समय वे पढ़ाई कर रही थीं और फिल्म में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने कहा कि यह फिल्म उनके करियर की मजबूत नींव बनी और आज भी इसे राजस्थान की सबसे चर्चित फिल्मों में गिना जाता है. इसी फिल्म ने उन्हें पहचान दिलाई और आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया.
राजस्थान से है भावनात्मक जुड़ाव
अभिनेत्री ने कहा कि पंजाब उनकी जन्मभूमि है, लेकिन राजस्थान उनकी कर्मभूमि है. उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि इंसान अपनी पहली पहचान और शुरुआती सफर को कभी नहीं भूल सकता. राजस्थान ने उन्हें जो प्यार, सम्मान और अवसर दिए, वे उनके जीवन की अमूल्य धरोहर है. उन्होंने कहा कि जब भी वे इस प्रदेश में आती हैं तो अपनेपन का एहसास होता है और ऐसा लगता है जैसे अपने ही घर लौट आई हो.
क्षेत्रीय फिल्मों में दिखती है संस्कृति की असली झलक
उपासना सिंह ने क्षेत्रीय सिनेमा की सराहना करते हुए कहा कि आज भी रीजनल फिल्मों में भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और रिश्तों की खूबसूरती देखने को मिलती है. भाई-बहन का स्नेह, माता-पिता के प्रति सम्मान और पारंपरिक संस्कार इन फिल्मों की सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सिनेमा समाज की जड़ों से जुड़ा हुआ है और यही कारण है कि दर्शक उससे खुद को आसानी से जोड़ पाते हैं.
बेटे नानक के भविष्य को लेकर जताई उम्मीदें
अपने बेटे नानक के करियर पर बात करते हुए उपासना सिंह ने कहा कि एक मां के रूप में उनकी हमेशा यही इच्छा रहती है कि उनका बेटा नई ऊंचाइयों को छुए. उन्होंने बताया कि नानक की डांस वर्कशॉप्स को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है और वह विभिन्न प्रोजेक्ट्स में भी व्यस्त हैं. उन्होंने कहा कि जिस तरह उन्हें दर्शकों का स्नेह मिला है, वे चाहती हैं कि उनके बेटे को उससे भी अधिक प्यार और सफलता प्राप्त हो.
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दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें