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Leg Cramps Home Remedies: रात में सोते समय अचानक पिंडलियों में दर्द की टीस से अधिकांश लोग गुजरते हैं. इस दर्द से लोग कराह उठते हैं. यह दर्द होता तो थोड़ी ही देर के लिए है लेकिन इसकी टीस पूरे शरीर को अपनी चपेट में ले लेते हैं. वैसे तो पिंडलियों में क्रैंप या दर्द के कई कारण होते हैं लेकिन इसका मुख्य कारण गतिहीन लाइफस्टाइल और शरीर में कुछ पोषक तत्वों की कमी है. ऐसे में इस दर्द से छुटकारा पाने के लिए क्या किया जाना चाहिए. आइए जानते हैं.
पैरों के मसल्स में क्रैंप से बचने के उपाय.
How to Reduce Cramp Pain: कभी-कभी रात में सोने के बाद अचानक पिंडलियां या काफ मसल्स में ऐसा दर्द होता है कि इससे टीस निकल आती है. अधिकांश लोग इस भारी दर्द से कभी न कभी जरूर गुजरे होंगे. जब अचानक लेग क्रैंप्स यानी पिंडलियों में ऐंठन होती है, तो बेपनाह दर्द के कारण पूरा शरीर कराह उठता है. गनीमत यह होती है कि यह तेज दर्द कुछ सेकेंड या मिनटों के बाद अपने आप ठीक हो जाता है. हालांकि यह जितने समय यह रहता है, व्यक्ति को बेहाल कर देता है. आमतौर पर ऐसा तब होता है जब पैरों की काफ मसल्स या पिंडली की मांसपेशियां अपनी जगह से थोड़ी इधर-उधर छिटक जाती हैं या उनमें अचानक तीव्र सिकुड़न आ जाती है. वैसे तो अधिकांश मामलों में इसका कोई एक सटीक कारण पता नहीं चलता. लेकिन मेडिकल साइंस के अनुसार इसके पीछे नसों की थकान, पोषक तत्वों की कमी और खराब जीवनशैली जैसे कई गंभीर कारण जिम्मेदार हो सकते हैं.
नसों की कोशिकाएं थक जाती है
मायो क्लिनिक की रिपोर्ट के मुताबिक रात में पैरों में ऐंठन आने के कई कारण हो सकते हैं. जब पैरों की नसों की कोशिकाएं अत्यधिक थक जाती हैं या मांसपेशियों तक खून का बहाव कम हो जाता है तब क्रैंप्स की समस्या बढ़ जाती है. इसके अलावा, किडनी फेल्योर, नर्व डैमेज या नसों की खराबी और आर्टरीज में ब्लॉकेज इसके बड़े कारण होते हैं. कुछ गंभीर बीमारियां जैसे एडिसन डिजीज, एनीमिया, लिवर सिरोसिस, डायबिटीज के कारण होने वाला हाइपोग्लाइसीमिया, थायराइड की समस्या और पार्किंसन डिजीज के मरीजों में भी लेग क्रैंप्स की शिकायत बहुत ज्यादा होती है. जो लोग हाई ब्लड प्रेशर या कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवाइयां खाते हैं, उन्हें भी इन दवाओं के साइड इफेक्ट के रूप में रात में पैरों की ऐंठन का सामना करना पड़ता है.
खराब लाइफस्टाइल और मिनरल्स की कमी भी जिम्मेदार
बीमारियों के अलावा हमारी रोजमर्रा की आदतें और शरीर में पानी की कमी भी इस दर्द का मुख्य कारण हैं. कम पानी पीने से जब शरीर में डिहाइड्रेशन होता है तो मांसपेशियों को सुचारू रूप से काम करने के लिए जरूरी लिक्विड नहीं मिल पाता. इसके साथ ही खून में सोडियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे आवश्यक खनिजों (इलेक्ट्रोलाइट्स) का संतुलन बिगड़ जाता है. यह सब कारण मांसपेशियों में ऐंठन और खिंचाव पैदा करता है. इसके लिए हमारी गतिहीन जीवनशैली, बैठकर ऑफिस में काम करना, बैठने का गलत तरीका, बहुत अधिक समय तक पैर मोड़कर बैठना, क्षमता से ज्यादा हैवी एक्सरसाइज करना या फिर काम के सिलसिले में बिना आराम किए बहुत देर तक खड़े रहना भी इन मांसपेशियों पर अत्यधिक दबाव डालता है. इन सबसे पिंडलियों में क्रैंप आते हैं और रात में सोते समय दर्द के रूप में उभर आता है.
तुरंत क्या करें
हालांकि पैरों का यह क्रैंप एक-दो मिनट में अपने आप शांत हो जाता है लेकिन उस असहनीय दर्द के समय कुछ खास उपाय अपनाकर तुरंत राहत पाई जा सकती है. जैसे ही पैर की नस चढ़े या ऐंठन आए, प्रभावित हिस्से की हल्की मालिश या मसाज करें या पैर को धीरे-धीरे स्ट्रेच करें. ऐंठन आने पर बैठने या लेटने के बजाय पैर के तलवे को जमीन पर बिल्कुल सीधा रखकर खड़े होने या धीरे-धीरे चलने की कोशिश करें. इससे मांसपेशी अपनी जगह पर वापस आ जाती है.
इसका परमानेंट सॉल्यूशन क्या है
पिंडलियों में क्रैंप अगर लगातार आ रहा है तो डॉक्टर से दिखाने की जरूरत है. एमआरआई करके यह पता लगाया जा सकता है कि यह बार-बार क्यों हो रहा है. अगर पोषक तत्वों की कमी या इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी के कारण होता है, तो भोजन में पौष्टिक तत्वों का सेवन ज्यादा करें. इसके लिए पोटेशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम से भरपूर चीजें जैसे केला, दूध, दही और हरी पत्तेदार सब्जियां को डाइट में शामिल करें. सोने से पहले पैरों की मांसपेशियों को स्ट्रेच करने की आदत डालें ताकि उनमें लचीलापन बना रहे. पैरों को मजबूत बनाने के लिए एक्सरसाइज करें. पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और सही साइज का जूता पहनें.
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18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें