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Iron and Calcium in Pregnancy: गर्भावस्था के दौरान सभी महिलाओं को आयरन और कैल्शियम सप्लीमेंट लेने की सलाह दी जाती है. डॉक्टर्स की मानें तो आयरन, कैल्शियम मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी होते हैं. आयरन खून की कमी से बचाने में मदद करता है, जबकि कैल्शियम शिशु की हड्डियों और दांतों की ग्रोथ में अहम भूमिका निभाता है.
प्रेग्नेंसी में महिलाओं को ज्यादा आयरन और कैल्शियम की जरूरत होती है, ताकि बच्चे की ग्रोथ ठीक बनी रहे.
Pregnancy and Iron Calcium Supplements: प्रेग्नेंट महिलाओं को आयरन और कैल्शियम सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दी जाती है. कई महिलाओं को प्रेग्नेंसी पूरी होने के बाद भी कई महीनों तक ये सप्लीमेंट लेने पड़ते हैं. दरअसल गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में कई बड़े बदलाव होते हैं. इस समय केवल मां ही नहीं, बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के लिए भी एक्स्ट्रा पोषक तत्वों की जरूरत होती है. इसी वजह से डॉक्टर बैलेंस्ड डाइट के साथ आयरन और कैल्शियम सप्लीमेंट्स लेने की सलाह देते हैं. ये दोनों पोषक तत्व मां और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं.
ग्रेटर नोएडा के ब्लिस आईवीएफ एंड गायनी केयर सेंटर की गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. सोनाली गुप्ता ने News18 को बताया प्रेग्नेंट महिलाओं को आयरन और कैल्शियम सप्लीमेंट्स दिए जाते हैं, ताकि महिला और गर्भ में पल रहे बच्चे की ग्रोथ सही तरीके से हो सके. आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है, जो खून के जरिए ऑक्सीजन को पूरे शरीर तक पहुंचाने का काम करता है. गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में खून की मात्रा बढ़ जाती है, इसलिए आयरन की जरूरत भी बढ़ जाती है. अगर शरीर में आयरन की कमी हो जाए, तो एनीमिया की समस्या हो सकती है, जिससे थकान, कमजोरी और चक्कर आने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. गंभीर मामलों में यह मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है.
डॉक्टर सोनाली के मुताबिक कैल्शियम गर्भ में पल रहे शिशु की हड्डियों और दांतों के विकास के लिए जरूरी होता है. इसके अलावा यह मां की हड्डियों, मांसपेशियों और नसों के सामान्य कार्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. अगर गर्भावस्था के दौरान पर्याप्त कैल्शियम नहीं मिलता, तो शरीर शिशु की जरूरत पूरी करने के लिए मां की हड्डियों से कैल्शियम लेने लग सकता है, जिससे भविष्य में हड्डियों की कमजोरी का खतरा बढ़ सकता है. इस वजह से सप्लीमेंट लेने की सलाह दी जाती है. महिलाओं को कभी भी आयरन और कैल्शियम की गोलियां एक साथ नहीं लेनी चाहिए. इसका कारण यह है कि कैल्शियम आयरन के अवशोषण को प्रभावित कर सकता है. इसलिए दोनों सप्लीमेंट्स के बीच कुछ घंटों का अंतर रखने की सलाह दी जाती है.
एक्सपर्ट की मानें तो दूध, दही, हरी सब्जियां, दालें और अन्य फूड्स आयरन और कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं, लेकिन कई बार केवल खाने से गर्भावस्था की बढ़ी हुई जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो सकता है. इसी कारण डॉक्टर महिलाओं की कंडीशन और जांच रिपोर्ट के आधार पर सप्लीमेंट्स की सलाह देते हैं. यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि मां और शिशु दोनों को पर्याप्त पोषण मिल सके. हर गर्भवती महिला की पोषण संबंधी जरूरतें अलग हो सकती हैं. इसलिए आयरन या कैल्शियम सप्लीमेंट्स की मात्रा और अवधि डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही तय की जानी चाहिए. बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी सप्लीमेंट का सेवन शुरू या बंद नहीं करना चाहिए.
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अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें