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Faridabad News: प्रेग्नेंसी में मैगी खाना पूरी तरह मना नहीं है, लेकिन इसकी मात्रा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. फरीदाबाद की सीनियर डाइटिशियन डॉ. रितिका शर्मा ने इसको लेकर सारे भ्रम दूर किए. आइए जानते हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए.
फरीदाबाद: यह बात तो सभी जानते हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को अक्सर अलग-अलग चीजें खाने का मन करता है. कभी खट्टा, कभी मीठा तो कभी अचानक मैगी जैसी चीजें खाने की इच्छा होने लगती है. ऐसे में घर के बड़े-बुजुर्ग भी सलाह देने लगते हैं कि मैगी या फास्ट फूड खाने से बच्चे पर असर पड़ सकता है. इसी वजह से कई महिलाओं के मन में सवाल उठता है कि क्या प्रेग्नेंसी में मैगी खाना सुरक्षित है या नहीं.
लोकल 18 से बातचीत में फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल की सीनियर डाइटिशियन और न्यूट्रिशन कंसल्टेंट डॉ. रितिका शर्मा बताती हैं कि प्रेग्नेंसी में महिलाएं मैगी खा सकती हैं, लेकिन इसकी मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है. डॉक्टर रितिका बताती हैं कि मैगी एक प्रोसेस्ड फूड है, जिसमें कई तरह के प्रिजर्वेटिव और अन्य तत्व मिलाए जाते हैं. इसी वजह से इसे रोजाना या ज्यादा मात्रा में खाना सही नहीं माना जाता है.
मैगी में एमएसजी के तत्व
डॉ. रितिका शर्मा बताती हैं कि अगर कोई महिला सप्ताह में एक या दो बार मैगी खाती है तो इससे कोई खास परेशानी नहीं होती. लेकिन अगर यह रोज की आदत बन जाए और ज्यादा मात्रा में खाई जाए तो नुकसान हो सकता है. मैगी में एमएसजी (मोनोसोडियम ग्लूटामेट) जैसे तत्व भी होते हैं, इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए.
क्या पपीता और अनानास भी नहीं खाना चाहिए?
प्रेग्नेंसी के दौरान खाने-पीने को लेकर कई तरह की बातें सुनने को मिलती हैं. डॉ. रितिका शर्मा बताती हैं कि अक्सर लोगों का कहना होता है कि गर्भावस्था में पपीता और अनानास नहीं खाना चाहिए. लेकिन ऐसा पूरी तरह सही नहीं है. कच्चा पपीता खाने से बचना चाहिए, क्योंकि यह कुछ मामलों में परेशानी बढ़ा सकता है. वहीं पका हुआ पपीता और पका हुआ अनानास आराम से खाया जा सकता है. इससे किसी तरह की दिक्कत नहीं होती.
फास्ट फूड को लेकर भी डॉ. रितिका बताती हैं कि कोई भी चीज जरूरत से ज्यादा खाना नुकसानदायक हो सकता है. अगर कभी मन हो तो सीमित मात्रा में फास्ट फूड खाया जा सकता है, लेकिन इसे रोजाना की डाइट का हिस्सा नहीं बनाना चाहिए.
बाहर का खाने से बचें
डॉ. रितिका शर्मा बताती हैं कि अगर महिलाओं का चटपटा खाने का मन करता है तो ऐसी चीजें घर पर बनाकर खाना ज्यादा बेहतर रहता है. घर में बनने वाले खाने में यह पता होता है कि उसमें क्या-क्या डाला गया है. प्रेग्नेंसी के दौरान प्रोटीन, आयरन और कैल्शियम से भरपूर चीजों को डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए. हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, दूध, दही और नट्स बच्चे के विकास में मदद करते हैं.
डॉक्टर रितिका बताती हैं कि चाहे नट्स हो, मिठाई हो या कोई और चीज, हर चीज की मात्रा बहुत जरूरी है. गर्मियों में भी संतुलित मात्रा में ही खाना चाहिए. नट्स के लड्डू भी खाए जा सकते हैं, लेकिन एक लड्डू तक ही ठीक है. ज्यादा मात्रा में खाने से नुकसान हो सकता है. हर चीज की अति नुकसानदायक होती है, इसलिए प्रेग्नेंसी में संतुलित और पौष्टिक भोजन सबसे ज्यादा जरूरी है.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.