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India’s Health Crisis: भारत इस समय एक बेहद गंभीर और साइलेंट हेल्थ इमरजेंसी के टाइम बम पर खड़ा है. नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे की नई रिपोर्ट के मुताबिक देश में मोटापा और डायबिटीज ने सार्वजनिक स्वास्थ्य की कमर तोड़ दी है. लगभग आधे वयस्क किसी न किसी बीमारी से जूझ रहे हैं. इन बीमारियों की जड़ में मोटापा और डायबिटीज है. चिंता की बात यह है कि आने वाले समय में यह स्थिति और भयावह होने वाली है. हम यहां यह बताएंगे कि आखिर भारत में क्यों बढ़ रहा है यह संकट और इससे बचने के लिए डॉक्टरों की क्या सलाह है.
भारत में हर तीन में से एक महिला मोटापे की शिकार हैं.
India’s Health Crisis: भारत एक साइलेंट क्राइसिस से गुजर रहा है. चुपके-चुपके यहां कम से कम 5 बीमारियों लोगों को पंगु बनाने लगी है. आने वाले समय में ये बीमारियों देश की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ सकती है. नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की नई रिपोर्ट इसके डराने वाले संकेत दे रही है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि हर तीन में से एक महिला और हर चार में एक पुरुष मोटापे की बीमारी से ग्रस्त हैं. इतना ही नहीं देश में डायबिटीज के मरीजों की संख्या भी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. पहले से ही भारत डायबिटीज कैपिटल ऑफ वर्ल्ड कहा जाने लगा है. यहां 10 करोड़ लोग डायबिटीज का इलाज करा रहा है लेकिन डायबिटीज मरीजों की संख्या इससे कहीं ज्यादा है क्योंकि भारत में अधिकांश लोग डायबिटीज की जांच नहीं कराते, इसलिए उन्हें पता ही नहीं चलता कि उनके शरीर में कोई बीमारी पनप रही है. इन दो बीमारियों के वजह से हार्ट डिजीज, स्ट्रोक, हाई ब्लड प्रेशर, किडनी डिजीज और लिवर में कई तरह की बीमारियां हो रही हैं.
अन्य बीमारियों का खतरा भी ज्यादा
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार वयस्कों में मोटापा और हाई ब्लड शुगर के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है. अब हर तीन में से एक महिला और हर चार में से एक से अधिक पुरुष ओवरवेट या मोटापे का शिकार हैं. इसके साथ ही लोगों में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है. ये सब अन्य गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों का संकेत है. विशेषज्ञों का मानना है कि खराब लाइफस्टाइल, शारीरिक शिथिलता, जंक फूड का बढ़ता सेवन, तनाव और अनियमित दिनचर्या इन समस्यों की बड़ी वजह है. मोटापा और हाई ब्लड शुगर न केवल डायबिटीज का खतरा बढ़ाते हैं बल्कि हार्ट डिजीज, हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक और किडनी संबंधी बीमारियों की आशंका भी बढ़ा देते हैं.
15 साल के बच्चों में भी बीमारियां
भारत में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के खिलाफ लड़ाई लगातार कठिन होती जा रही है. नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-6 (NFHS-6) के ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि देश में वयस्कों के बीच मोटापा और हाई ब्लड शुगर के मामलों में तेज बढ़ोतरी हुई है. अब लगभग हर तीन में से एक महिला और हर चार में से एक से अधिक पुरुष ओवरवेट या मोटापे का शिकार हैं. वहीं, हाई ब्लड शुगर वाले लोगों की संख्या भी पिछले सर्वे की तुलना में काफी बढ़ गई है. सर्वे के अनुसार 15 से 49 वर्ष की 30.7% महिलाएं ओवरवेट या मोटापे से ग्रस्त हैं, जबकि NFHS-5 में यह आंकड़ा 24% था. पुरुषों में यह प्रतिशत 22.9% से बढ़कर 27.3% हो गया है. इसी तरह हाई ब्लड शुगर या डायबिटीज की दवा लेने वाली महिलाओं का अनुपात 13.5% से बढ़कर 17.8% हो गया है. पुरुषों में यह आंकड़ा 15.6% से बढ़कर 20.9% तक पहुंच गया. बच्चे भी मोटापे और ब्लड शुगर से जूझने लगे हैं.
आखिर क्यों बढ़ रहा मोटापा
मारेंगो एशिया अस्पताल, गुरुग्राम में डायबेट्स, ओब्सिटी एंड मेटाबोलिक डिसॉर्डर के क्लीनिकल डायरेक्टर डॉ. पारस अग्रवाल कहते हैं कि मोटापा बढ़ने के एक नहीं कई कारण हैं. सबसे बड़ा कारण है हमारी लाइफस्टाइल. आज सब कुछ बदल गया है. लोगों के पास समय नहीं है और इस कारण हर चीज को तुरंत प्राप्त करना चाहता है. समय अभाव में बने-बनाए खाना का चलन शुरू हुआ और आज इससे आगे हजारों खाने की चीजें पैकेटबंद होती है. ये पैकेटबंद चीजें हमारी सेहत के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं है. यानी हमारा गलत खान-पान इसका सबसे पहला कारण है. दूसरा सबसे बड़ा कारण शरीर की शिथिलता. हम अपनी व्यस्तता में किसी भी तरह की शारीरिक गतिविधियां नहीं करते. पहले के जमाने में लोग शारीरिक रूप से ज्यादा मेहनत करते थे लेकिन आज हम आधा घंटे वॉक भी नहीं करते. इन सबके अलावा तनाव, नींद की कमी और कुछ मामलों में जीन भी जिम्मेदार होता है.
मोटापा-डायबिटीज के खतरे को कैसे टालें
डॉ. पारस अग्रवाल ने बताया कि मोटापा और डायबिटीज से बचने का बेहद सिंपल तरीका है. सही चीजें खाइए, सही चीजें पीजिए, शरीर को थकाइए, तनाव नहीं ली जिए और पर्याप्त नींद लीजिए. हमारे पूर्वजों को जो भोजन था अगर हम उसे अपना लें तो इन सारी बीमारियों से आसानी से बच सकते हैं. घर का शुद्ध अनाज से बना भोजन, हरी सब्जी, दाल, फल, सीड्स आदि का रोज सेवन करना चाहिए. दिन में कम से कम किसी भी तरह से आधा घंटे वो काम करें जिनसे शरीर थक जाए. तेज दौड़ लगाएं, घर में भारी चीजों को उठाएं, ताकत लगाने वाला काम करें, कुछ भी संभव न हो तो आधा घंटे पैदल ही टहल लें. इसके साथ तनाव कम करने के लिए योग, मेडिटेशन करें और रात में सुकून की नींद लें.
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18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें