Retro Walking Benefits : सोशल मीडिया पर फिटनेस के कई ट्रेंड्स आते-जाते रहते हैं. ऐसा ही एक ट्रेंड है जो सेहत के लिए काफी फायदेमंद है. यह है उल्टा चलना यानी ‘रेट्रो वॉकिंग’ (Retro Walking). माना जा रहा है कि अगर रोज सुबह सिर्फ 30 सेकंड उल्टा चलें तो शरीर और दिमाग को काफी फायदा मिल सकता है. यह ब्रेन और बॉडी मसल्स को पूरी तरह से एक्टिव कर सकता है. डॉक्टरों का भी मानना है कि उल्टा चलने से शरीर के बायोमैकेनिक्स (biomechanics) बदलते हैं, जिससे सेहत को जबरदस्त लाभ मिलते हैं. अगर आपके पीठ दर्द, घुटनों की समस्या और गठिया (Arthritis) आदि की समस्या है तो भी यह एक अभ्यास काफी फायदा पहुचा सकता है. तो आइए जानते हैं कि रोज सुबह सिर्फ आधा मिनट उल्टा चलने से आपकी बॉडी में क्या बदलाव आते हैं.
आखिर क्या है ‘रेट्रो वॉकिंग’?
आमतौर पर मॉर्निंग वॉक के लिए सीधे चलते हैं लेकिन अगर सीधे चलने के बजाय पीछे की तरफ कदम बढ़ाएं तो यह ‘बैकवर्ड वॉकिंग’ या ‘रेट्रो वॉकिंग’ कहलाता है. शुरुआत में ऐसा करना थोड़ा अजीब या मुश्किल लग सकता है, लेकिन यह आपके शरीर और दिमाग को एक अलग चुनौती देता है.
उल्टा चलने के 7 लाजवाब फायदे-
1.बैलेंस और और स्टेबिलिटी (Balance & Stability) में सुधार
जब आप पीछे की तरफ चलते हैं, तो शरीर को खुद को संभालने के लिए ज्यादा कंट्रोल की जरूरत होती है. इससे आपकी बॉडी का पोस्चर सुधरता है और शरीर में संतुलन बढ़ता है. उम्र बढ़ने के साथ गिरने या लड़खड़ाने का खतरा कम करने के लिए यह एक बेहतरीन एक्सरसाइज है.
कुछ अलग मसल्स होते हैं मजबूत
रोजाना सीधे चलने से शरीर की कुछ खास मांसपेशियां ही काम करती हैं. लेकिन जब आप उल्टा चलते हैं, तो आपकी काफ्स (पिंडलियां), हैमस्ट्रिंग, क्वाड्रिसेप्स और कोर मसल्स पर ज्यादा जोर पड़ता है. इससे पैरों की ताकत बढ़ती है और मसल्स का असंतुलन ठीक होता है.
जोड़ों के दर्द से राहत (Supports Joint Health)
फिजियोथेरेपी में घुटने के दर्द से जूझ रहे लोगों को उल्टा चलने की सलाह दी जाती है. सीधे चलने की तुलना में उल्टा चलने पर घुटनों पर दबाव बहुत कम पड़ता है. अगर आपको घुटनों में दर्द या जोड़ों की समस्या है, तो यह बिना किसी नुकसान के आपकी मोबिलिटी (गतिशीलता) को सुधारता है.
कम समय में ज्यादा कैलोरी बर्न
आपको जानकर हैरानी होगी कि सीधे चलने के मुकाबले उल्टा चलने में शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इससे आपकी हार्ट रेट (दिल की धड़कन) तेजी से बढ़ती है, जिससे कम समय में ही ज्यादा कैलोरी बर्न होती है.
दिमाग को बनाता है सुपरफास्ट (Boosts Brain Function)
उल्टा चलना आपके दिमाग के लिए एक बेहतरीन वर्कआउट है. चूंकि यह एक असामान्य मूवमेंट है, इसलिए दिमाग को संतुलन और दिशा बनाए रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. रिसर्च के मुताबिक, इससे याददाश्त (Memory), फोकस और रिएक्शन टाइम में सुधार होता है. यह सुबह-सुबह आपके न्यूरल पाथवेज को एक्टिव कर देता है.
पोस्चर सुधारे (Improves Posture)
दिनभर कंप्यूटर के सामने बैठने, ड्राइविंग करने या फोन चलाने से हमारी पीठ झुक जाती है. उल्टा चलने से आपकी ग्लूटल मसल्स, क्वाड्रिसेप्स और हिप फ्लेक्सर्स एक्टिव होते हैं, जिससे आप सीधे खड़े होने लगते हैं और रीढ़ की हड्डी का पोस्चर सुधरता है.
सिर्फ 30 सेकंड ही क्यों हैं काफी?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसके फायदे उठाने के लिए आपको घंटों उल्टा चलने की जरूरत नहीं है. सुबह के वक्त सिर्फ 30 सेकंड की ‘रेट्रो वॉकिंग’ भी आपके दिमाग को जगाने, मसल्स को एक्टिव करने और ब्लड सर्कुलेशन को दुरुस्त करने के लिए काफी है. व्यस्त सुबह के लिए यह एक बेहतरीन ‘माइक्रो-हैबिट’ है. तो देर किस बात की? कल सुबह उठिए और अपनी सेहत को एक ‘रिवर्स गियर’ का गिफ़्ट दीजिए!