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Weight Loss and Diabetes: वेट लॉस की कुछ दवाएं वजन कम करने के साथ डायबिटीज कंट्रोल करने में बेहद असरदार साबित हो रही हैं. डॉक्टर्स के मुताबिक वेट लॉस की दवाएं भूख कम करती हैं और इंसुलिन रेजिस्टेंस को भी कम करने में सहायक हैं. इससे वजन कम होने के साथ ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल होने लगता है. जो लोग सिर्फ मोटापे से जूझ रहे हैं, उन लोगों में ये दवाएं डायबिटीज का खतरा कम कर सकती हैं. कई वेट लॉस की दवाएं डायबिटीज के लिए ही बनाई गई हैं.
जब शरीर का वजन कम होता है, तब इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर होती है और इससे शुगर लेवल कंट्रोल होने लगता है.
Weight Loss Drugs and Diabetes: आजकल वेट लॉस की दवाओं का क्रेज बढ़ता जा रहा है. तमाम लोग इन दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं और इससे डायबिटीज कंट्रोल करने में भी मदद मिल रही है. कई दवाएं तो डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए ही बनाई गई थीं, जिन्हें अब वेट लॉस की दवा कहा जा रहा है. वेट लॉस और ब्लड शुगर का सीधा कनेक्शन है. यही वजह है कि ये दवाएं डुअल मैकेनिज्म पर काम करती हैं और वजन के साथ शुगर लेवल पर भी लगाम लगाती हैं. डॉक्टर से जानने की कोशिश करते हैं कि आखिर वेट लॉस की दवाएं डायबिटीज को कैसे कंट्रोल करती हैं.
गुरुग्राम के मारेंगो एशिया हॉस्पिटल के ओबेसिटी एंड डायबिटीज डिपार्टमेंट के हेड डॉ. पारस अग्रवाल ने News18 को बताया मोटापा और टाइप 2 डायबिटीज का सीधा कनेक्शन है. जब शरीर का वजन बढ़ता है, तो इंसुलिन ठीक तरह से काम नहीं कर पाता, जिससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ने लगता है. इसी वजह से वजन कम करना डायबिटीज मैनेजमेंट के लिए बेहद जरूरी होता है. वेट लॉस की दवाएं शरीर में जाकर भूख कम कर देती हैं. इसकी वजह से लोगों का कैलोरी इनटेक कम हो जाता है और वजन कम करने में मदद मिलती है. वेट लॉस होने पर शरीर में इंसुलिन रेंजिस्टेंस कम होने लगता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल होता है. यही कारण है कि इन दवाओं का उपयोग टाइप 2 डायबिटीज के ट्रीटमेंट में किया जाता है.
डायबिटीज के हर मरीज के लिए यह दवा सेफ?
डॉक्टर अग्रवाल के अनुसार डायबिटीज के हर मरीज को वेट लॉस ड्रग लेने की सलाह नहीं दी जाती है. हर मरीज की मेडिकल कंडीशन अलग होती है. उम्र, वजन, मेडिकल हिस्ट्री, अन्य बीमारियां और वर्तमान दवाओं को ध्यान में रखते हुए ही इस दवा को लेकर फैसला लिया जाता है. केवल वजन कम करने या शुगर कंट्रोल करने के उद्देश्य से बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी दवा का उपयोग नहीं करना चाहिए. वेट लॉस और डायबिटीज के बीच सीधा संबंध है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर वजन घटाने वाली दवा सभी लोगों के लिए ठीक है. अगर आप वजन और ब्लड शुगर दोनों को कंट्रोल करना चाहते हैं, तो सबसे पहले डॉक्टर से सलाह लें. सही गाइडेंस के साथ ही सुरक्षित ट्रीटमेंट संभव है.
एक्सपर्ट का यह भी कहना है कि डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए केवल दवा पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है. डायबिटीज को काबू में रखने के लिए बैलेंस्ड डाइट, नियमित एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद और स्ट्रेस मैनेजमेंट भी जरूरी है. हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने से दवाओं का असर बेहतर हो सकता है और लंबे समय तक डायबिटीज पर लगाम लग सकती है. डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जिसमें लोगों को लाइफस्टाइल, खानपान और फिजिकल एक्टिविटी जैसी फैक्टर्स पर भी ध्यान देना चाहिए.
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अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें