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Jamun Shelf Life and Benefits: जामुन एक मौसमी फल है, जिसकी शेल्फ लाइफ सिर्फ 1-2 दिन होती है. यह जल्दी खराब हो जाता है, लेकिन पोषण से भरपूर होता है. इसमें फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स जैसे गुण पाए जाते हैं, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. इसका सेवन करने से डायबिटीज काबू में आ सकती है.
जामुन खाने से ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है.
Jamun and Blood Sugar Level: गर्मी और बारिश के मौसम में बाजार में आने वाला जामुन स्वाद के साथ-साथ अपने औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है. यह फल सिर्फ 1-2 दिन ही चलता है और इसके बाद खराब हो जाता है. अगर आप इसे फ्रिज में भी स्टोर करेंगे, तब भी इसकी शेल्फ लाइफ ज्यादा नहीं होती है. जामुन की शेल्फ लाइफ भले ही कम हो, लेकिन सेहत के लिए इसके फायदे काफी बड़े माने जाते हैं. खासकर डायबिटीज के मरीजों के लिए जामुन को रामबाण माना जाता है. आयुर्वेद एक्सपर्ट्स तो जामुन की गुठलियों को भी ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने में असरदार मानते हैं.
नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की फाउंडर और डाइटिशियन कामिनी सिन्हा ने News18 को बताया जामुन में फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और कई लाभकारी प्लांट कंपाउंड पाए जाते हैं. इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिसकी वजह से यह ब्लड शुगर को तेजी से नहीं बढ़ाता है. यही वजह है कि जामुन को डायबिटीज-फ्रेंडली फलों की सूची में शामिल किया जाता है. जामुन में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है. इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में भूमिका निभा सकते हैं. इसे हार्ट हेल्थ के लिए भी फायदेमंद माना जाता है.
दवा का विकल्प नहीं है जामुन
एक्सपर्ट के मुताबिक जामुन की बाहरी परत काफी नाजुक होती है और इसमें पानी की मात्रा भी अच्छी-खासी होती है. यही कारण है कि इसे लंबे समय तक सामान्य तापमान पर रखना मुश्किल होता है. खरीदने के बाद इसे जल्द खा लेना चाहिए या फ्रिज में स्टोर करना चाहिए. ज्यादा दिनों तक रखने पर इसका स्वाद और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकते हैं. डायबिटीज के मरीजों को हमेशा ताजा जामुन खाने चाहिए. हालांकि जामुन शुगर लेवल कंट्रोल करने में सप्लीमेंट की तरह काम कर सकता है, लेकिन यह दवा का विकल्प नहीं है. ऐसे में इसे खाने के साथ समय पर डॉक्टर की दी गई दवाएं लेना भी जरूरी है.
जामुन को लेकर क्या कहता है आयुर्वेद
आयुर्वेद में जामुन ही नहीं, बल्कि इसकी गुठली का विशेष महत्व बताया गया है. कई लोग इसकी गुठली को सुखाकर पाउडर के रूप में इस्तेमाल करते हैं. जामुन एक पौष्टिक मौसमी फल है, जो कम समय में खराब हो जाता है, लेकिन पोषण के मामले में काफी समृद्ध माना जाता है. डायबिटीज के मरीजों के लिए यह संतुलित आहार का हिस्सा बन सकता है. जब भी जामुन का सीजन आए, तब शुगर के मरीजों को रोज इसका सेवन करना चाहिए. ताकि ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके.
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अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें