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Health Tips: गर्मी से राहत पाने के लिए लोग कई तरह के उपाय अपनाते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के बघेलखंड क्षेत्र में आज भी प्राकृतिक और पारंपरिक नुस्खों को ज्यादा महत्व दिया जाता है. यहां के लोग भीषण गर्मी से बचाव के लिए अर्जुन की छाल का उपयोग करते हैं, जिसे एक असरदार देसी उपाय माना जाता है. आयुर्वेद में भी अर्जुन की छाल को स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बताया गया है. इसका सेवन काढ़ा या चूर्ण के रूप में किया जाता है, जो शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ तनाव और थकान कम करने में भी मदद कर सकता है.
गर्मी से बचने के लिए लोग आमतौर पर कूलर, एसी या फ्रिज के ठंडे पानी का सहारा ले रहे हैं. लेकिन, ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग गर्मी को मात देने के लिए पुराने और पारंपरिक नुस्खों पर ही सबसे ज्यादा भरोसा कर रहे हैं. एक ही ऐसी अचूक और देसी नुस्खा एमपी के बघेलखंड में लोग गर्मी में इस्तेमाल करते हैं. यही वजह है कि यह पारंपरिक नुस्खा आज भी ग्रामीण इलाकों में लोकप्रिय बना हुआ है.
ये नुस्खा न सिर्फ चिलचिलाती गर्मी में आपके शरीर को अंदर से ठंडक का अहसास कराएगा, बल्कि दिल को भी पूरी तरह से सेहतमंद रखेगा. हम बात कर रहे हैं अर्जुन की छाल की, बदलते मौसम और बढ़ते तापमान के बीच बघेलखंड का यह असरदार पारंपरिक नुस्खा एक बार फिर से लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है.
बघेलखंड के कई ग्रामीण क्षेत्रों में भीषण गर्मी के प्रकोप से बचने के लिए पीढ़ियों से अर्जुन की छाल का उपयोग किया जाता रहा है. स्थानीय लोगों और बुजुर्गों का मानना है कि प्रकृति ने अर्जुन के पेड़ को कई खासियतों से नवाजा है. दरअसल, अर्जुन की छाल की तासीर प्राकृतिक रूप से बेहद ठंडी होती है.
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जब गर्मी अपने चरम पर होती है, तब इसका सीमित मात्रा में अर्क या काढ़ा बनाकर पीने से शरीर को तुरंत राहत मिलती है. यह शरीर को अंदरूनी ठंडक पहुंचाती है, जिससे लू का असर भी कम होता है. यही वजह है कि आज भी गांव के लोग इस देसी उपाय को अपनाना काफी पसंद करते हैं.
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में ब्लड प्रेशर और स्ट्रेस यानी मानसिक तनाव हर दूसरे व्यक्ति की सबसे बड़ी समस्या बन चुका है. औषधीय पेड़ों के जानकार विष्णु कुमार तिवारी ने इसके फायदों पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया, शारीरिक रूप से देखा जाए तो अर्जुन की छाल ब्लड प्रेशर को सामान्य रखने में बेहद कारगर मानी जाती है.
यह नसों के तनाव को कम करती है, जिससे आपका स्ट्रेस लेवल अपने आप डाउन हो जाता है. इसके सेवन से दिनभर की थकान और मानसिक उलझनों से काफी राहत मिलती है. हार्ट हेल्थ के लिए अर्जुन की छाल को हमेशा से बहुत फायदेमंद माना गया है. यह शरीर में बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल के स्तर को तेजी से नियंत्रित रखने में अपनी अहम भूमिका निभाती है. जब आपका कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहता है तो हार्ट से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं का खतरा टल जाता है. इसके अलावा यह हमारी मांसपेशियों को भी पूरी तरह से रिलैक्स करने का काम करती है.
दिलचस्प बात यह है कि आयुर्वेद ही नहीं बल्कि बहुत सारी एलोपैथी दवाइयों में भी अर्जुन की छाल और अर्जुन की लकड़ी का व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है. इसका पूरा फायदा उठाने के लिए यह देसी उपाय बहुत ही आसान है. आप अर्जुन की छाल को धूप में अच्छी तरह से सुखा लें और फिर सूखने के बाद इसे पीसकर इसका बारीक चूर्ण या पाउडर तैयार कर लें.
अब आप चाहें तो इस चूर्ण का इस्तेमाल अपनी रोजमर्रा की चाय के रूप में कर सकते हैं या फिर सीधे छाल को पानी में उबालकर उसका शानदार काढ़ा बनाकर भी पी सकते हैं. अगर आपको अपने आस-पास सीधे पेड़ से छाल नहीं मिल सकती है तो बिल्कुल फिक्र न करें. मार्केट में भी यह पाउडर, छाल के टुकड़ों या फिर टैबलेट्स के रूप में आपको बहुत ही आसानी से मिल जाएगा, जिसका उपयोग आप गर्मी में कर सकते हैं.