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भारतीराजा के निधन से साउथ फिल्म इंडस्ट्री से लेकर बॉलीवुड तक शोक की लहर है. वह 84 साल के थे. आज उनका अंतिम संस्कार होगा उनके पैतृक गांव थेनी में होगा. उनके पार्थिव शरीर को देर रात चेन्नई से थेनी के लिए जाया गया. 3 बजे दोपहर को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा. उनके सम्मान में आज तमिल टीवी और फिल्म इंडस्ट्री में कोई काम नहीं करेगा.
भारतीराजा का राजकीय सम्मान के साथ आज अंतिम संस्कार होगा.
मुंबई. तमिल फिल्म इंडस्ट्री महान फिल्म डायरेक्टर भरतीराजा का 10 जून को निधन हो गया. उन्हें उम्र संबंधी बीमारियां थीं. वह 84 साल के थे. उनके निधन पर एक्टर नेता बने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय, रजनीकांत, समेत कई सेलेब्स ने दुख जताया और अंतिम विदाई दी. थलापति विजय ने उनके राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार का ऐलान किया है. भारतीराजा के पार्थिव शरीर को चेन्नई के नीलांकरई स्थित आवास में रखा गया, जहां कई फिल्मी हस्तियां और उनके फैंस उन्हें श्रद्धांजलि दी.
तमिलनाडु सरकार ने घोषणा की है कि भारतीराजा के अंतिम संस्कार की रस्में पूरे राज्य सम्मान के साथ होंगी. परिवार और प्रशासन द्वारा किए गए इंतजामों के मुताबिक, चेन्नई में सार्वजनिक श्रद्धांजलि के बाद उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक जिले थेनी में होगा. यहां उनका 3 बजे दोपहर मे दाह संस्कार किया जाएगा.
ईटाइम्स के मुताबिक, भरतीराजा की फैमिली से जुड़े एक पीआरओ ने बताया कि अंतिम संस्कार 11 जून को दोपहर करीब 3 बजे थेनी जिले के वथालकुंडु के पास उनके फार्महाउस में किया जाएगा. परिवार के सदस्य, करीबी दोस्त, फिल्म इंडस्ट्री के साथी और हजारों फैंस इस अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे.
भारतीराजा के सम्मान में तमिल फिल्म इंडस्ट्री में आज नहीं होगा कोई काम
भारतीराजा को सम्मान देने के लिए तमिल फिल्म इंडस्ट्री ने एक दिन के लिए सभी शूटिंग गतिविधियां रोकने का फैसला किया है. तमिल फिल्म प्रोड्यूसर्स काउंसिल ने घोषणा की है कि 11 जून को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक सभी फिल्म और टेलीविजन सीरियल की शूटिंग बंद रहेगी. यह फैसला भरतीराजा के सिनेमा में योगदान को सम्मान देने और इंडस्ट्री के सदस्यों को अंतिम विदाई में शामिल होने का मौका देने के लिए लिया गया है.
भारतीराज की फिल्में, जिन्होंने तमिल सिनेमा को बड़ा किया
भारतीराजा ने ‘16 वयथिनिले’, ‘किझक्के पोगुम रेल’, ‘पसुम्पोन’, ‘अलैगल ओइवथिल्लै’ और ‘मुधल मरियाधै’ जैसी फिल्मों के जरिए पिछले 4 दशकों में तमिल सिनेमा का चेहरा बदल दिया. उन्होंने इंडस्ट्री को नई प्रतिभाएं दीं, ऐसे किरदार गढ़े जो आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं और गांवों की असली कहानियां पर्दे पर उतारीं. अपने अंतिम वर्षों तक वे एक्टर और मार्गदर्शक के रूप में सक्रिय रहे.
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रमेश कुमार, सितंबर 2021 से बतौर सीनियर सब एडिटर न्यूज18 हिंदी डिजिटल से जुड़े हैं. एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रहे हैं. समय-समय पर विधानसभा-लोकसभा चुनाव पर भी काम करते हैं. इससे पहले हिंदीरश (पिंकविला) में एंटर…और पढ़ें