मिडिल ईस्ट में एक बार फिर हालत बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। अमेरिका और ईरान दोनों ओर से लगातार हमले हो रहे हैं। अमेरिका द्वारा ईरान के कई शहरों पर किए गए ताजा हवाई हमलों के जवाब में ईरान ने मध्य पूर्व में बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की है। ईरानी सेना ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में स्थित प्रमुख अमेरिकी सैन्य अड्डों पर जोरदार हमले किए। साथ ही होर्मुज स्ट्रेट में दो तेल टैंकरों को भी निशाना बनाया है।
ईरानी के सरकारी न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी सेना के खिलाफ जवाबी हमले किए गए हैं, जिनमें खास तौर पर कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी बैस को निशाना बनाया गया है। इससे पहले, अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान में कई ठिकानों पर हमले किए थे और कहा था कि ये हमले आत्मरक्षा में किए गए थे।
अमेरिका सेना ने ईरान पर हमले की पुष्टि की
US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि उसकी सेना ने ईरान में कई ठिकानों पर अतिरिक्त ‘सेल्फ-डिफेंस’ (आत्मरक्षा) हमले शुरू किए हैं। उसने यह भी कहा कि यह कार्रवाई ईरान की लगातार और बिना वजह की आक्रामकता के जवाब में की जा रही है। US सेंट्रल कमांड के आधिकारिक X अकाउंट पर एक पोस्ट में कहा गया, “US सेंट्रल कमांड की सेनाओं ने कमांडर-इन-चीफ के निर्देश पर आज शाम 5:15 बजे (ET) ईरान में कई ठिकानों पर अतिरिक्त आत्मरक्षा हमले शुरू किए।”
ईरान ने इन प्रमुख शहरों को बनाया निशाना
होर्मुज जलडमरूमध्य फिर हुआ बंद
वहीं, ईरान पर अमेरिका के नए हमलों के बाद IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने का ऐलान कर दिया। ईरान सेना ने साफ-साफ कहा कि किसी भी तेल टैंकर या कमर्शियल जहाज को इस समुद्री गलियारे से जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इस घोषणा के बाद ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो जहाजों पर हमला किया है। ये जहाज ईरान के इजाजत के बिना और गैर-कानूनी तरीके से Hormuz से गुजरने का कोशिश कर रहा था।
ईरान के इस एक्शन से भड़के ट्रंप
दूसरी ओर, अमेरिकी हमलों से ईरान के केशम द्वीप, बंदर अब्बास, सीरिक और करगान जैसे तटीय इलाकों में भारी तबाही हुई है। कुछ लोगों के घायल होने की भी सूचना है। इस पूरे टकराव की शुरुआत तब हुई जब होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर उड़ रहे एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को ईरान ने मार गिराया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच मिसाइल और ड्रोन हमलों का सिलसिला शुरू हो गया।