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Phalsa Fruit Benefits in Summer: सिरोही के माउंट आबू और अरावली की पहाड़ियों में भीषण गर्मियों के मौसम में प्राकृतिक रूप से उगने वाला जंगली ‘फालसा’ फल सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. सेवानिवृत्त जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. दामोदरप्रसाद चतुर्वेदी के अनुसार, इस खट्टे-मीठे फल की तासीर ठंडी होती है, जो शरीर के तापमान को संतुलित कर लू और डिहाइड्रेशन से बचाती है. इसमें भरपूर आयरन और विटामिन-सी होता है, जो खून की कमी दूर कर इम्युनिटी बढ़ाता है. यह आंखों की जलन दूर करने और त्वचा में चमक लाने में मददगार है, लेकिन इसे खाली पेट नहीं खाना चाहिए.
सिरोही जिले के माउंट आबू और अरावली की पहाड़ियों में इन दिनों झाड़ीनुमा पौधों पर फालसा के फल आने लगे हैं. इन फलों को आदिवासी महिलाएं इकट्ठा कर शहर के बाजारों में बेचने लाती हैं. स्वास्थ्य के नजरिए से भी यह फल काफी गुणकारी है. वरिष्ठ वैध डॉ. दामोदरप्रसाद चतुर्वेदी के अनुसार, स्थानीय लोग फालसा को करोंदे के नाम से भी जानते हैं. स्वाद में खट्टा-मीठा और तासीर में बेहद ठंडा होने के कारण यह चिलचिलाती गर्मी और उमस में शरीर को राहत देता है. यह फल मौसमी बीमारियों से बचाव में भी हमारी रसोई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा साबित होता है.
आयुर्वेद में चिलचिलाती गर्मी और लू के थपेड़ों से बचने के लिए फालसा को एक बेहतरीन उपाय माना गया है. इसकी ठंडी तासीर शरीर के आंतरिक तापमान को संतुलित रखने में काफी मददगार होती है. भीषण गर्मी के दौरान जब पसीने के कारण शरीर में पानी की कमी होने लगती है, तो फालसा का सेवन शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाता है और आपको दिनभर तरोताजा और ऊर्जावान बनाए रखने में सहायक होता है.
यह फल स्वाद में खट्टा-मीठा होता है. पेट से जुड़ी तकलीफों और खराब पाचन से राहत दिलाने में फालसा का कोई सानी नहीं है. इस छोटे से फल में फाइबर की भरपूर मात्रा होने के कारण यह पाचन तंत्र को दुरुस्त कर एसिडिटी, कब्ज, अपच और पेट की जलन को शांत करता है. इसके नियमित सेवन से पेट को शीतलता मिलती है, जिससे गर्मियों में होने वाली गैस्ट्रिक समस्याओं से भी काफी राहत मिल जाती है.
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पाचन के अलावा फालसा शरीर में खून की कमी को दूर करने में भी बहुत सहायक है. इसमें आयरन की प्रचुर मात्रा पाई जाती है, जो शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने और एनीमिया जैसी गंभीर समस्या से लड़ने में मदद करती है. इसके साथ ही, इस फल में मौजूद विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी पावर) को बूस्ट करने का काम करते हैं.
फालसा हमारी त्वचा और आंखों की सेहत के लिए भी एक बेहतरीन टॉनिक का काम करता है. इसमें मौजूद विटामिन-ए और विटामिन-सी त्वचा को भीतर से पोषण देते हैं, जिससे चेहरे पर प्राकृतिक चमक आती है और बढ़ती उम्र के लक्षण कम होते हैं. वहीं दूसरी ओर, इसके पोषक तत्व गर्मियों के कारण आंखों में होने वाली जलन, थकावट और लाली को दूर करने के साथ-साथ दृष्टि को स्वस्थ बनाए रखने में भी मदद करते हैं.
इस फल को आप सीधे खाने के अलावा कई तरह से अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. पके हुए फलों को अच्छी तरह धोकर, उन पर काला नमक, काली मिर्च या चाट मसाला छिड़क कर खाने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. इसके अलावा गर्मियों में इसका शरबत एक बेहतरीन विकल्प है. फालसे को पानी में मसलकर और बीज निकालकर, उसमें थोड़ा सा गुड़ या चीनी मिलाकर बनाया गया शरबत शरीर के लिए एक नेचुरल एनर्जी ड्रिंक की तरह काम करता है. आप इसे अन्य फलों के साथ मिलाकर हेल्दी स्मूदी या जूस के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं. हालांकि, इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि फालसे का सेवन कभी भी खाली पेट नहीं करना चाहिए.