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Gadar vs Lagaan 25 Years Clash: बॉलीवुड में जब भी सबसे बड़े और सबसे ऐतिहासिक बॉक्स ऑफिस क्लैश की बात होती है, तो 15 जून 2001 की तारीख सुनहरे अक्षरों में चमकती है. आज इस महायुद्ध को 25 साल पूरे हो गए हैं. 25 साल पहले, जब सनी देओल की ‘गदर: एक प्रेम कथा’ और ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ आमिर खान की ‘लगान’ एक ही दिन थिएटर में क्लैश हुई थीं, तो बॉक्स ऑफिस पर सफलता इतनी जबरदस्त थी कि इसने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे. यह सिर्फ दो महान एक्टर्स के बीच क्लैश से कहीं ज्यादा, दो अलग-अलग सिनेमाई नजरियों का जश्न था, जिसने बॉलीवुड की दुनिया को हमेशा के लिए बदल दिया.
नई दिल्ली. 2001 में जब ‘गदर’ का ट्रेलर रिलीज हुआ, तभी से यह साफ था कि यह फिल्म सिंगल स्क्रीन पर जबरदस्त हिट होने वाली है. भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बैकग्राउंड में बनी तारा सिंह (सनी देओल) और सकीना (अमीषा पटेल) की लव स्टोरी ने देश के हर आम नागरिक के दिल को छू लिया. (तस्वीर बनाने में एआई की मदद ली गई है.)
फिल्म में जब एक बिना हथियार वाला सिख दामाद अपनी पत्नी को वापस लाने के लिए बॉर्डर पार करता है और धार्मिक उन्माद के बीच ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद था, जिंदाबाद है, जिंदाबाद रहेगा’ चिल्लाता है, तो थिएटर में दर्शकों का खून खौल उठता था. उस समय सिनेमाघरों के अंदर का सीन क्रिकेट स्टेडियम जैसा होता था, जहां सनी देओल के हर एक डायलॉग पर दर्शक अपनी सीट से खड़े होकर चिल्लाते थे और स्क्रीन पर नोट फेंकते थे.
‘गदर’ ने फुटफॉल (टिकट खरीदकर सिनेमा देखने जाने वाले लोगों की संख्या) के मामले में इतिहास रच दिया और आज के बड़े-बड़े स्टार्स इसे तोड़ने के लिए स्ट्रगल कर रहे हैं. कई छोटे शहरों में शो सुबह 6 बजे से ही शुरू हो जाते थे और लोग ट्रकों और ट्रैक्टरों में आ रहे थे. ट्रेड एनालिस्ट के मुताबिक, फिल्म ने अपने बजट से कई गुना प्रॉफिट कमाया और बॉक्स ऑफिस हिस्ट्री में सबसे बड़ा अवॉर्ड जीता- ‘ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर’
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‘गदर’ की इस सुनामी का सामना आमिर खान की बड़ी फिल्म ‘लगान’ से हुआ. जब फिल्म बन रही थी, तो पूरी इंडस्ट्री ने इसे इसके रनिंग टाइम, धोती-कुर्ता पहने गांव के किरदारों और क्रिकेट मैच पर आधारित कहानी की वजह से ‘फ्लॉप’ मान लिया था. उस समय, किसी को यकीन नहीं था कि फिल्म सनी देओल के तूफान के सामने एक दिन भी टिक पाएगी.
लेकिन, आमिर खान को यूं ही ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ नहीं कहा जाता. आशुतोष गोवारिकर के जीनियस विजन और एआर रहमान के दिल को छू लेने वाले म्यूजिक से पावर्ड… ‘लगान’ ने रिलीज होते ही क्रिटिक्स का मुंह बंद कर दिया. फिल्म भुवन (आमिर खान) और उसके गांव वालों की कहानी है, जो अंग्रेजों के क्रूर ‘ट्रिपल टैक्स’ से खुद को आजाद करने के लिए क्रिकेट के मैदान पर अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा जुआ खेलते हैं.
फिल्म का स्क्रीनप्ले इतना जबरदस्त था कि इसने दर्शकों को तीन घंटे से ज्यादा समय तक अपनी सीटों से चिपकाए रखा. ‘गदर’ की आंधी के बीच भी ‘लगान’ ने मल्टीप्लेक्स और एलीट दर्शकों के दिलों में जगह बनाई और बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई.
इतना ही नहीं, इसने एकेडमी अवॉर्ड्स की बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म कैटेगरी के टॉप 5 नॉमिनेशन में जगह बनाकर हिंदी सिनेमा को दुनिया भर में नाम भी दिलाया. आज भी कुछ बड़े क्लैश होते हैं, जैसे ‘डंकी’ बनाम ‘सलार’ या ‘सिंघम अगेन’ बनाम ‘भूल भुलैया 3’, लेकिन इनमें से कोई भी मैच 2001 के जादुई लेवल तक नहीं पहुंचता.