Last Updated:
मलयालम सिनेमा के दिग्गज एक्टर सलीम कुमार का कोच्चि के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया था, जहां हालत गंभीर होने के कारण उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था. लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बाजवूद उन्हें बचाया नहीं जा सका. उनके निधन से मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ पड़ी है.
सलीम कुमार का इलाज के दौरान हुआ निधन.
नई दिल्ली. मलयालम सिनेमा से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता और दिग्गज एक्टर सलीम कुमार का शनिवार को कोच्चि में निधन हो गया. वह 56 साल के थे. तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. उनके निधन की खबर से पूरी फिल्म इंडस्ट्री और फैंस सदमे में हैं. सिनेमाई पर्दे पर अपनी बेहतरीन कॉमेडी और संजीदा अभिनय से अमिट छाप छोड़ने वाले सलीम कुमार का जाना मलयालम फिल्म जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है.
सलीम कुमार मलयालम सिनेमा के मशहूर एक्टर थे और उन्होंने अपनी शानदार एक्टिंग से दर्शकों के दिलों खास जगह बनाई थी. उनके निधन से मलयालम इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ पड़ी है. सलीम कुमार अपने पीछे पत्नी सुनीता और दो बेटों चंदू सलीम कुमार और अरोमल सलीम कुमार को छोड़ गए हैं.
थिएटर से शुरू हुआ सफर
थिएटर और मिमिक्री की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने के बाद सलीम कुमार ने साल 1997 में आई फिल्म ‘इष्टमानु नूरु वट्टम’ से बड़े पर्दे पर कदम रखा था. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. वह जल्द ही मलयालम सिनेमा के सबसे चहेते सितारों में से एक बन गए. उन्होंने पर्दे पर जितने कमाल के कॉमिक रोल किए, उतने ही संजीदा और गंभीर किरदारों से भी दर्शकों का दिल जीता.
सलीम कुमार के करियर की शानदार फिल्में
सलीम कुमार के करियर की बेहतरीन फिल्मों की बात करें तो इनमें ‘सत्यमेव जयते’, ‘तेनकासीपट्टनम’, ‘ई परक्कुम थलिका’, ‘मीसा माधवन’, ‘सीआईडी मूसा’, ‘तिलाक्कम’, ‘मायावी’ और ‘पेरुमझाक्कलम’ जैसी कई सुपरहिट फिल्में शामिल हैं.
एक्टिंग के लिए मिला देश का सबसे बड़ा सम्मान
साल 2010 में आई फिल्म ‘अदामिन्ते मकन अबू’ उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई. इस फिल्म में उनके शानदार और बेमिसाल अभिनय के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला था. इसके अलावा वह चार बार केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड से भी नवाजे जा चुके थे. एक्टिंग में लोहा मनवाने के बाद सलीम कुमार ने डायरेक्शन में भी हाथ आजमाया. उन्होंने ‘करुथा जूथन’ और ‘दैवमे कैथोजहम के. कुमार अकानम’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया.
About the Author
कामता प्रसाद (KP) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का 11 सालों का लंबा अनुभव है. वर्तमान में वह न्यूज18 हिंदी में बतौर सीनियर सब एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. कामता को एंटरटेनमेंट …और पढ़ें