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Caffeine Restore Social Memory: अगर आप लंबे समय तक पर्याप्त नींद नहीं लेंगे, तो इससे मेमोरी कमजोर होने लगती है. इस मेमोरी का वापस रिपेयर करना आसान नहीं है. सिंगापुर के वैज्ञानिकों ने एक नई स्टडी में दावा किया है कि कैफीन नींद की कमी से कमजोर होने वाली याददाश्त को दोबारा नॉर्मल बना सकता है. अगर आप रोज सुबह कैफीन का सेवन करते हैं, तो इससे न सिर्फ आपकी नींद गायब हो जाएगी, बल्कि याददाश्त भी मजबूत रहेगी.
नींद की कमी से याददाश्त कमजोर हो सकती है और इसे कैफीन से रिवर्स किया जा सकता है.
Caffeine’s Role in Brain Function: दुनिया भर में करोडों लोगों के दिन की शुरुआत चाय या कॉफी के साथ होती है. सुबह-सुबह चाय-कॉफी पीने से नींद और थकान दूर होती है. इन दोनों में कैफीन होता है, जिससे लोगों की अलर्टनेस बढ़ जाता है. अब एक नई स्टडी में पता चला है कि कैफीन सिर्फ आपकी नींद उड़ाने में ही मदद नहीं करता, बल्कि नींद की कमी से मेमोरी को होने वाले नुकसान से रिकवर करता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो अगर आप लंबे समय तक पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं, तो इससे याददाश्त कमजोर होने लगती है. अगर आप कैफीन का सेवन करेंगे, तो याददाश्त दोबारा नॉर्मल हो सकती है.
जानवरों पर किया गया एक्सपेरिमेंट
वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला के जानवरों को 5 घंटे तक सोने नहीं दिया. इसके बाद उन्हें 7 दिनों तक कैफीन मिला हुआ पानी दिया गया. फिर शोधकर्ताओं ने उनके ब्रेन की गतिविधियों का अध्ययन किया. जांच में सामने आया कि नींद की कमी के कारण ब्रेन की नर्वस सेल्स के बीच होने वाला कम्युनिकेशन कमजोर पड़ गया था. यही संचार नई यादों को बनाने और पुरानी यादों को मजबूत रखने में मदद करता है. जब यह प्रक्रिया प्रभावित हुई तो सोशल मेमोरी भी कमजोर हो गई. हालांकि जब कैफीन दिया गया तो तस्वीर बदल गई. कैफीन ने मस्तिष्क की कोशिकाओं के बीच संचार को दोबारा मजबूत कर दिया. इससे ब्रेन की सीखने और याद रखने की क्षमता में सुधार हुआ और सामाजिक स्मृति से जुड़ी समस्याएं भी काफी हद तक खत्म हो गईं.
वैज्ञानिकों की मानें तो दिलचस्प बात यह रही कि कैफीन ने पूरे ब्रेन को अत्यधिक सक्रिय नहीं किया, बल्कि केवल उसी प्रभावित हिस्से को सामान्य स्थिति में लौटाने का काम किया, जो नींद की कमी से प्रभावित हुआ था. यह अध्ययन यह साबित करता है कि नींद की कमी केवल आपको सुस्त या थका हुआ महसूस नहीं कराती, बल्कि यह मस्तिष्क के महत्वपूर्ण मेमोरी नेटवर्क को भी नुकसान पहुंचा सकती है. कैफीन इन बदलावों को रिवर्स करने में सक्षम दिखाई दिया. इसका मतलब है कि कॉफी या अन्य कैफीन युक्त पेय पदार्थों के फायदे केवल ऊर्जा बढ़ाने तक सीमित नहीं हो सकते, बल्कि वे कुछ परिस्थितियों में मस्तिष्क की कार्यक्षमता को भी बेहतर बना सकते हैं.
नींद का विकल्प नहीं है कैफीन
वैज्ञानिकों का साफ कहना है कि कैफीन आपके ब्रेन को नींद की कमी से होने वाले नुकसान से बचा सकता है, लेकिन यह अच्छी नींद का विकल्प नहीं माना जा सकता. रोज 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद ब्रेन और मजबूत याददाश्त के लिए सबसे जरूरी है. यह अध्ययन केवल यह दिखाता है कि कैफीन नींद की कमी से प्रभावित कुछ खास मस्तिष्कीय प्रक्रियाओं को सुधारने में मदद कर सकता है. अब शोधकर्ता यह जानने की कोशिश करेंगे कि कैफीन यादों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर उन्हें याद करने की प्रक्रिया को किस तरह प्रभावित करता है. भविष्य में यह शोध याददाश्त और संज्ञानात्मक स्वास्थ्य से जुड़ी नई ट्रीटमेंट स्ट्रेटजी का रास्ता खोल सकता है.
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अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें