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बॉलीवुड में 1990 के दशक की शुरुआत होने से पहले ही गीत-संगीत और कहानियों में बड़ा बदलाव देखने को मिलने लगा था. 1984 में मासूम अदा, होठों पर मीठी मुस्कान वाली एक ऐसी एक्ट्रेस ने बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत की. शुरुआती फिल्में तो फ्लॉप रहीं. ‘मनहूस’ एक्ट्रेस का टैग मिला. कोई नहीं जानता था कि एक दिन यही एक्ट्रेस बॉलीवुड में राज करेगी. 6 साल के दौरान इसी एक्ट्रेस की चार ऐसी फिल्में आई जिन्होंने इतिहास रच दिया. चारों ही फिल्मों में चार ऐसे आइकॉनिक सॉन्ग थे, जिनकी गिनती हिंदी सिनेमा के इतिहास में बेस्ट सॉन्ग में होती है.
अगस्त 1984 की बात है. सिनेमाघरों में राजश्री प्रोडक्शन की एक फिल्म ‘अबोध’ आई थी. फिल्म तो कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई लेकिन इसमें काम करने वाली एक्ट्रेस का काम सराहा गया. वो एक्ट्रेस कोई और नहीं, बल्कि माधुरी दीक्षित थीं जिनकी शुरुआती 7 फिल्में फ्लॉप रहीं. डायरेक्टर-प्रोड्यूसर उन्हें लेने से कतराने लगे. ‘मनहूस’ का टैग लग गया. स्ट्रगल करते-करते चार साल गुजर गए. फिर आया साल 1998. इसी साल माधुरी दीक्षित की ‘दयावान’ फिल्म आई जिसका ‘आज फिर तुमपे प्यार आया है’ जैसा आइकॉनिक सॉन्ग था. इस सॉन्ग से माधुरी को खूब बदनामी मिली. फिर जो हुआ, वो किसी ने सोचा नहीं था. माधुरी दीक्षित की नवंबर 1988 में एक ऐसी फिल्म आई जिसने उन्हें रातोंरात फेमस कर दिया. माधुरी ने अगले 6 साल में चार ऐसे ऑइकॉनिक सॉन्ग किए जो आज भी उतने ही पॉप्युलर हैं. चारों ही फिल्मों ने इतिहास रच दिया. ये फिल्में थीं : तेजाब, बेटा, खलनायक और हम आपके हैं कौन. आइये इन फिल्मों से जुड़े दिलचस्प फैक्ट्स पर एक नजर डाल लेते हैं……..
सबसे पहले बात करते हैं ‘अंकुश’ और ‘प्रतिघात’ जैसी फिल्म बनाने वाले डायरेक्टर एन. चंद्रा के निर्देशन में बनी फिल्म ‘तेजाब’ की जो कि 11 नवंबर 1988 को रिलीज हुई थी. यह फिल्म हॉलीवुड मूवी ‘स्ट्रीट्स ऑफ फायर’ से इंस्पायर्ड थी. ‘तेजाब’ में माधुरी दीक्षित-अनिल कपूर लीड रोल में थे. यह फिल्म माधुरी दीक्षित के करियर के लिए टर्निंग प्वॉइंट साबित हुई.एन. चंद्रा और बोनी कपूर की दोस्ती थी. अनिल कपूर उन दिनों बिजी चल रहे थे एन. चंद्रा ने आदित्य पंचोली को लीड रोल के लिए कास्ट कर लिया. जब यह बात बोनी कपूर को पता चली तो उन्होंने अनिल कपूर को लेने को कहा. इस तरह से आदित्य पंचोली की जगह अनिल कपूर को तेजाब में लीड रोल मिला.
‘तेजाब’ फिल्म का म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने कपोज किया था. वैसे तो फिल्म के सभी गाने सुपरहिट थे लेकिन एक सॉन्ग ‘एक दो तीन’ ने माधुरी दीक्षित की किस्मत बदल दी. यह गाना आइकॉनिक सॉन्ग में शामिल है. लक्ष्मीकांत ने ‘एक दो तीन’ डमी बोल के सहारे धुन बनाई थी. जावेद अख्तर ने इसी पर गाना लिख दिया था. इस गाने ने माधुरी दीक्षित को नया स्टारडम दिया. ‘तेजाब’ फिल्म के गाने ‘एक-दो-तीन’ ने इतिहास रच दिया था. ‘तेजाब’ फिल्म के गाने ‘एक-दो-तीन’ को अलका याज्ञनिक ने आवाज दी थी. यह गाना 1953 में आई ‘वचन’ मूवी के सॉन्ग ‘चंदा मामा दूर के…’ की शुरुआत में बजने वाली ट्यून से इंस्पायर्ड था. गाने की ओपनिंग में रीवर्क करके ‘एक-दो’तीन’ बनाया गया. अनिल कपूर के साथ माधुरी की जोड़ी खूब मशहूर हुई. दोनों ने आगे चलकर 15 के करीब फिल्मों में एकसाथ काम किया. करीब दो करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने 16 करोड़ रुपये का वर्ल्ड वाइड कलेक्शन किया था. यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर एक ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी. 1988 में बॉक्स ऑफिस पर सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों की लिस्ट में तेजाब पहले नंबर पर थी.
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इस लिस्ट में दूसरा नाम माधुरी दीक्षित-अनिल कपूर स्टारर फिल्म ‘बेटा’ का है जिसे इंदर कुमार ने डायरेक्ट किया था. फिल्म 3 अप्रैल 1992 में रिलीज हुई थी. बेटा फिल्म की स्टोरी के. भाग्यराज की थी कमलेश पांडेय ने डायलॉग लिखे थे. स्क्रीनप्ले ग्यानदेव अग्निहोत्री, राजीव कौल और प्रकाश पारेख ने लिखा था. म्यूजिक आनंद-मिलिंद, दिलीप सेन-समीर सेन और नरेश शर्मा ने कंपोज किया था. गीतकार समीर, देव कोहली और नक्श ल्यालपुरी थे. यह फिल्म 1987 की एक तमिल फिल्म ‘एंगा चिन्ना रासा’ का रीमेक थी. इस फिल्म के एक गाने ‘धक-धक करने लगा’ ने माधुरी दीक्षित को नई पहचान दी. गाना उदित नारायण-अनुराधा पौडवाल की आवाज में था. उन्हें आगे चलकर ‘धक-धक’ गर्ल के नाम से जाना जाने लगा. यह गाना आनंद-मिलिंद ने कंपोज किया था. ओरिजनल ट्यून संगीतका इलैयाराजा ने कंपोज की थी.
दिलचस्प बात यह है कि फिल्म का सबसे पॉप्युलर सॉन्ग ‘धक-धक करने लगा’ फिल्म की शूटिंग पूरी होने के बाद मूवी में जोड़ा गया था. तमिल फिल्म में यह गाना श्रीदेवी पर फिल्माया गया था. यह फिल्म 1992 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों से एक थी. फिल्म ने उस समय करीब 23.5 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह एक सुपर-डुपर हिट फिल्म साबित हुई थी. बेटा फिल्म ने पांच फिल्मफेयर अवॉर्ड जीते थे. माधुरी दीक्षित को बेस्ट एक्ट्रेस, अनिल कपूर को बेस्ट एक्टर, अरुणा ईरानी को बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था. बेस्ट प्लेबैक फीमेल सिंग का फिल्मफेयर अवॉर्ड अनुराधा पौडवाल की झोली में आया था. बेस्ट कोरियोग्राफर का अवॉर्ड सरोज खान को ‘धक धक करने लगा’ सॉन्ग के लिए मिला था.
इस लिस्ट में तीसरा नाम संजय दत्त-माधुरी दीक्षित की फिल्म ‘खलनायक’ का है जो कि 6 अगस्त 1993 को रिलीज हुई थी. डायरेक्टर-प्रोड्यूसर सुभाष घई थे. उन्होंने एक्शन हीरो संजय दत्त को विलेन के रोल में दर्शकों के सामने पेश किया. ‘खलनायक’ फिल्म के समय बहुत कंट्रोवर्सी हो गई थी. संजय दत्त का नाम मुंबई सीरियल बम ब्लास्ट केस में आया था. उन्हें शूटिंग पूरी होने से पहले जेल जाना पड़ा था. ‘खलनायक’ फिल्म में अनुपम खेर, राखी गुलजार और जैकी श्रॉफ भी अहम भूमिकाओं में थे. प्रमोद मुथु फिल्म के मेन विलेन थे. बॉलीवुड से जुड़े कई फिल्मकारों-आलोचकों का कहना था कि खलनायक फिल्म नहीं चलेगी. फिल्म को बैन किए जाने की मांग को लेकर कई जगह प्रदर्शन भी हुए थे. संजय दत्त की जेल वाली इमेज का फायदा उठाते हुए सुभाष घई ने 6 अगस्त 1993 को फिल्म रिलीज कर दी थी.
फिल्म के एक गाने ‘चोली के पीछे क्या है’ पर बहुत विवाद हुआ था. जितना ज्यादा विवाद हुआ, फिल्म की पॉप्युलैरिटी उतनी ही बढ़ी. एक हफ्ते में एक करोड़ से ज्यादा ऑडियो कैसेट बिके थे. फिल्म के गाने ‘चोली के पीछे क्या है’ गाने में माधुरी दीक्षित ने एक लाइन पर एक साथ चार स्टेप्स किए थे. चोली के पीछे सॉन्ग के लिए अल्का याज्ञनिक और इला अरुण को बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर का अवॉर्ड मिला था. सरोज खान को बेस्ट कोरियोग्राफर का अवॉर्ड मिला था. ‘चोली के पीछे क्या है’ गाने के सिचुएशन आनंद बख्शी को सुभाष घई ने बताई थी. उनका कहना था कि पुलिस अफसर बनी माधुरी दीक्षित विलेन संजय दत्त को लुभाना चाहती है. इस सिचुएशन पर गाना लिखा गया था. आनंद बख्शी ने जब फोन पहली लाइन ‘चोली के पीछे क्या है’ सुनाई तो सुभाष घई के हाथ से पेन छूट गया था. करीब 4 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 21 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह एक फिल्म ब्लॉकबस्टर मूवी साबित हुई.
इस लिस्ट में आखिरी नाम 5 अगस्त 1994 को रिलीज हुई ‘हम आपके हैं कौन’ का है जिसमें सलमान खान-माधुरी दीक्षित लीड रोल में थे. रेणुका शहाणे, अनुपम खेर, मोहनीश बहल, आलोक नाथ, रीमा लागू, बिंदु, सतीश शाह, दिलीप जोशी, लक्ष्मीकांत बेर्डे सपोर्टिंग रोल में नजर आए थे. राजश्री प्रोडक्शन के बैनर तले इस फिल्म का म्यूजिक राम-लक्ष्मण ने दिया था. प्रोड्यूसर राज कुमार बड़जात्या, अजीत बड़जात्या और कमल बड़जात्या थे. डायरेक्शन सूरज बड़जात्या ने किया था. फिल्म में 71 मिनट की लंबाई के कुल 14 गाने रखे गए थे. फिल्म का म्यूजिक बलॉकबस्टर था.
इस फिल्म का एक गाना ‘दीदी तेरा देवर दीवाना’ आइकॉनिक गाने में शुमार है. गाना लता मंगेशकर और एसपी बाला सुब्रमणयम की आवाज में था. इस फिल्म में लता मंगेशकर ने सभी गाने गाए थे. यह फिल्म 1981 में आई ‘नदिया के पार’ फिल्म का रीमेक थी. मूवी को 4 फिल्म फेयर अवॉर्ड भी मिले थे. बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड माधुरी दीक्षित को मिला था. फिल्म का बजट करीब 6 करोड़ का था. इस मूवी ने 128 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह एक ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी. यह बॉलीवुड की पहली ऐसी फिल्म थी जिसने 100 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन किया था.