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Pre-Marital Health Checkup: शादी से पहले सभी कपल्स को अपने कुछ जरूरी मेडिकल टेस्ट कराने चाहिए. इससे दोनों पार्टनर्स अपनी हेल्थ कंडीशंस को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं. ब्लड ग्रुप, थैलेसीमिया, HIV, STI और सामान्य स्वास्थ्य जांच के जरिए भविष्य में आने वाली परेशानियों से बच सकते हैं. समय-समय पर हेल्थ चेकअप सभी लोगों के लिए जरूरी है.
शादी से पहले कपल्स को सेहत से जुड़े कुछ टेस्ट जरूर कराने चाहिए.
Medical Tests Before Marriage: शादी करने से पहले लड़का-लड़की की कुंडली देखी जाती है और घर-परिवार के बारे में भी पूरी जानकारी ली जाती है. माना जाता है कि इससे रिश्ता बेहतर होता है और शादी के बाद परेशानियां नहीं आती हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो शादी से पहले जिस तरह कई चीजों की जांच की जाती है, ठीक उसी तरह सेहत की जांच भी करा लेनी चाहिए. शादी से पहले कुछ मेडिकल टेस्ट कराने से भविष्य में स्वास्थ्य, फैमिली प्लानिंग और आपसी रिश्तों से जुड़ी समस्याओं को समय रहते समझा जा सकता है. अगर सेहत से जुड़ी कोई समस्या हो, तो वक्त रहते उसका इलाज भी कराया जा सकता है.
नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने News18 को बताया प्रीमैरिटल हेल्थ चेकअप का उद्देश्य किसी को जज करना नहीं होता, बल्कि दोनों पार्टनर्स को अपनी मेडिकल कंडीशन के बारे में जागरूक करना है. इससे कई बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर उचित इलाज किया जा सकता है. कई बार हमारे शरीर में बीमारियां पल रही होती हैं और उनका पता ही नहीं होता है. शादी के बाद ये बीमारियां पार्टनर में ट्रांसफर हो जाती हैं. इन परेशानियों से बचने के लिए शादी से पहले हेल्थ चेकअप कराना चाहिए.
ब्लड ग्रुप और Rh फैक्टर टेस्ट
शादी से पहले ब्लड ग्रुप और Rh फैक्टर की जांच कराना काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. भविष्य में बच्चे की प्लानिंग के लिए Rh फैक्टर की जानकारी डॉक्टर्स को संभावित जटिलताओं का आकलन करने में मदद कर सकती है. अगर किसी महिला का Rh नेगेटिव और पुरुष का Rh पॉजिटिव हो, तो गर्भावस्था के दौरान एक्स्ट्रा मेडिकल मॉनिटरिंग की जरूरत पड़ सकती है.
थैलेसीमिया की स्क्रीनिंग
थैलेसीमिया एक जेनेटिक ब्लड डिसऑर्डर है, जो माता-पिता से बच्चों में पहुंच सकता है. अगर दोनों पार्टनर थैलेसीमिया ट्रेट के वाहक हैं, तो बच्चे में गंभीर थैलेसीमिया होने का खतरा बढ़ सकता है. एक साधारण खून की जांच के जरिए यह पता लगाया जा सकता है कि व्यक्ति इस स्थिति का वाहक है या नहीं. समय रहते जानकारी होने पर कपल्स को जेनेटिक काउंसलिंग का विकल्प मिल सकता है.
सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन टेस्ट
कुछ यौन संचारित संक्रमण (STI) लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी मौजूद रह सकते हैं. शादी से पहले STI स्क्रीनिंग कराने से दोनों पार्टनर्स अपनी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. समय पर पहचान होने पर इन संक्रमणों का इलाज या प्रबंधन करना आसान हो सकता है, जिससे भविष्य में स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं का जोखिम कम हो सकता है.
HIV टेस्ट
HIV की जांच भी प्रीमैरिटल हेल्थ चेकअप का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है. इस जांच का उद्देश्य दोनों पार्टनर्स को स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी देना और आवश्यक चिकित्सा सहायता तक पहुंच सुनिश्चित करना है. आज के समय में HIV के साथ भी लोग लंबा और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं, लेकिन इसके लिए समय पर जांच और उपचार बेहद जरूरी होता है.
फर्टिलिटी और बेसिक चेकअप
फर्टिलिटी से जुड़े कुछ बेसिक टेस्ट और सामान्य स्वास्थ्य जांच भी उपयोगी हो सकती हैं. इनमें ब्लड शुगर, थायरॉयड, हीमोग्लोबिन, लिवर और किडनी फंक्शन जैसी जांचें शामिल हो सकती हैं. इन टेस्ट्स के जरिए ऐसी स्वास्थ्य समस्याओं का पता लगाया जा सकता है जो भविष्य में गर्भधारण या ओवरऑल हेल्थ को प्रभावित कर सकती हैं. हालांकि फर्टिलिटी टेस्ट कराने का निर्णय व्यक्तिगत परिस्थितियों और डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करता है.
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अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें