Last Updated:
Sadabahar Flower Benefits: घर-आंगन के साथ बगीचे में आसानी से उगाए जाने वाले सदाबहार का पौधा 12 महीने तक हरा रहता है. इसलिए, इसे सदाबहार भी कहते हैं. वैद्य विष्णुदत्त प्रजापति के अनुसार इसमें कई ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं. जिनका उपयोग दवाओं के निर्माण में भी किया जाता है. सदाबहार के पौधे में भरपूर औषधिय गुण मौजूद रहते हैं. डायबिटीज और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मददगार है. सदाबहार कैंसर से लड़ने में भी सहायक है. इसकी पत्तियों को पीसकर लगाने से दाद, खाज और खुजली और अन्य त्वचा संबंधी समस्याओं में आराम मिलता है. इसपौधे के हर हिस्से को अलग-अलग तरीके से उपयोग में ला सकते हैं.
सदाबहार का फूल लगभग हर घर, बगीचे और पार्क में आसानी से देखने को मिल जाता है. यह पौधा अपने सुंदर गुलाबी, सफेद और बैंगनी फूलों के कारण लोगों को आकर्षित करता है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि सदाबहार सिर्फ सजावटी पौधा ही नहीं, बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर माना जाता है. आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में इसका उपयोग लंबे समय से किया जाता रहा है.
लोकल 18 से बातचीत के दौरान वैद्य विष्णुदत्त प्रजापति के अनुसार सदाबहार के फूल, पत्तियां और जड़ें कई औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं. इस पौधे का वैज्ञानिक नाम कैथरैंथस रोजियस (Catharanthus roseus) है. इसमें कई ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते है. जिनका उपयोग दवाओं के निर्माण में भी किया जाता है.
शुगर में फायदेमंद: विष्णु दत्त प्रजापति के अनुसार सदाबहार के पौधे को मधुमेह यानी शुगर नियंत्रण में सहायक माना जाता है. ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ लोग इसकी पत्तियों का उपयोग घरेलू उपचार के रूप में करते है. हालांकि विशेषज्ञ का कहना है कि किसी भी बीमारी के इलाज के लिए केवल घरेलू उपायों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए और डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए.
Add News18 as
Preferred Source on Google
सदाबहार में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण भी पाए जाते है. माना जाता है कि ये गुण शरीर को संक्रमण से बचाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद कर सकते है. कुछ लोग त्वचा संबंधी समस्याओं में भी इसका उपयोग करते है.
विष्णु दत्त प्रजापति बताते है कि चिकित्सा क्षेत्र में सदाबहार का महत्व और भी अधिक है. इस पौधे से प्राप्त कुछ विशेष तत्वों का उपयोग कैंसर की दवाएं बनाने में किया जाता है. यही कारण है कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी यह पौधा काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. हालांकि इसके औषधीय उपयोग विशेषज्ञों की देखरेख में ही किए जाते है.
विष्णु दत्त प्रजापति बताते है कि सदाबहार का पौधा उगाना भी बहुत आसान है. यह कम देखभाल में भी अच्छी तरह बढ़ता है और लगभग पूरे साल फूल देता रहता है. इसे घर के गमलों, बगीचों और खेतों की मेड़ पर आसानी से लगाया जा सकता है. धूप और सामान्य सिंचाई में यह पौधा अच्छी तरह विकसित हो जाता है.
वैद्य विष्णुदत्त प्रजापति का कहना है कि सदाबहार के पौधे में कई औषधीय गुण जरूर पाए जाते है, लेकिन इसका उपयोग बिना जानकारी के नहीं करना चाहिए. इसकी कुछ किस्मों में ऐसे तत्व भी होते है. जिनका अधिक मात्रा में सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है. इसलिए किसी भी रोग के उपचार के लिए इसका उपयोग करने से पहले चिकित्सक या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है.
विष्णुदत्त प्रजापति बताते है कि सदाबहार का फूल अपनी खूबसूरती के साथ-साथ औषधीय महत्व के कारण भी खास पहचान रखता है. यही वजह है कि यह पौधा आज भी लोगों के घरों और बगीचों की शोभा बढ़ाने के साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण माना जाता है. इसके गुणों को जानने के बाद यह कहना गलत नहीं होगा कि सदाबहार सिर्फ एक फूल नहीं, बल्कि प्राकृतिक गुणों का खजाना है.